
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज) नीरज धीमान: पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अहम खबर है। अब सिलेंडर खत्म होने या सप्लाई में देरी का बहाना बनाकर मिड-डे मील बंद नहीं किया जा सकेगा। पंजाब स्टेट मिड-डे मील सोसायटी ने सख्त आदेश जारी किए हैं कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों का खाना नहीं रुकना चाहिए।

वैकल्पिक इंतजाम के निर्देश: लकड़ी या कोयले का होगा इस्तेमाल
सोसायटी ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री पोषण योजना सरकार की प्राथमिकता है। यदि किसी स्कूल में गैस सिलेंडर समय पर नहीं पहुंच पाता, तो स्कूल प्रबंधन को हाथ पर हाथ धरकर बैठने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे में:
वैकल्पिक ईंधन: स्कूल प्रशासन को लकड़ी, कोयला या अन्य उपलब्ध साधनों का उपयोग कर भोजन तैयार करना होगा।
नो इंटरप्शन: खाने के वितरण में एक दिन की भी रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
DEO को कमान: फील्ड से लेना होगा नियमित फीडबैक
सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जमीनी स्तर पर इसकी निगरानी करें। अधिकारियों को केवल आदेश जारी करके नहीं रुकना है, बल्कि:
स्कूलों से नियमित फीडबैक लेना होगा।
गैस सप्लाई की समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराना होगा।
समय-समय पर चक निरीक्षण कर व्यवस्था जांचनी होगी।
मकसद साफ है: मिड-डे मील का उद्देश्य बच्चों को पोषण देना और स्कूलों में उनकी उपस्थिति बढ़ाना है। सरकार इस योजना को लेकर गंभीर है और किसी भी प्रशासनिक देरी का असर बच्चों की थाली पर नहीं पड़ने देना चाहती।












