
हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट-रजनीश शर्मा। जनपद हमीरपुर की ग्राम पंचायत चारियां दी धार के गांव कुडंआ दी धार में हरे-भरे पीपल के पेड़ के बाड़े बड़े टहने बिना वैधानिक अनुमति के काटे जाने का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने इस मामले में वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।

जानकारी के अनुसार पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान में ऊहल जिला परिषद क्षेत्र से प्रत्याशी रही रीता देवी पत्नी सुभाष चंद निवासी गांव सुखानी, डाकघर जंदडू, तहसील सुजानपुर ने जनवरी 2026 में प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) हमीरपुर को एक आवेदन भेजा था। आवेदन में उन्होंने अपने घर के ऊपर झुकी हुई पीपल के पेड़ की खतरनाक टहनियों को कटवाने की अनुमति मांगी थी, ताकि किसी दुर्घटना से बचा जा सके।
आवेदन में केवल मकान के ऊपर लटक रही टहनियों से खतरे का उल्लेख किया गया था। बताया जा रहा है कि उक्त आवेदन पर अभी तक विभाग की ओर से कोई औपचारिक अनुमति जारी नहीं हुई थी। इसके बावजूद जून माह में गांव कुडंआ दी धार स्थित मुख्य सड़क के किनारे संध्या देवी पत्नी राकेश कुमार के घर के समीप खड़े पीपल के पेड़ के बड़े बड़े टहने कटवा दिए गए।
इसी प्रकार गांव कुडंआ दी धार में ही रमेश चंद पुत्र स्वर्गीय संत राम निवासी डाकघर बौडू, तहसील बमसन (टौणी देवी) द्वारा भी अपने घर के समीप स्थित पीपल के पेड़ की टहनियां काटे जाने की चर्चा है। दोनों मामलों के सामने आने के बाद क्षेत्र में वन संरक्षण नियमों की अनदेखी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पीपल के पेड़ों को बिना सक्षम अनुमति के काटना गंभीर मामला है तथा इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इस संबंध में कक्कड़ बीट के फॉरेस्ट गार्ड सुनील कुमार ने बताया कि कुछ लोग शिकायत लेकर उनके पास आए थे, लेकिन संबंधित मामला उनके अधिकार क्षेत्र का नहीं है और यह बीड़-बगैहड़ा बीट से संबंधित है।
वहीं बीड़-बगैहड़ा बीट के फॉरेस्ट गार्ड सांत राम ने बताया कि पीपल के पेड़ से घर को खतरा होने के कारण जनवरी 2026 में संबंधित पक्षों ने डीएफओ हमीरपुर को अनुमति के लिए आवेदन किया था। उन्होंने स्वीकार किया कि पेड़ को बिना अनुमति काटा गया है, जो नियमों के विपरीत है। उधर रीता देवी पत्नी सुभाष चंद निवासी गांव सुखानी ने कहा कि परमिशन के लिए आवेदन जनवरी माह का भेजा है लेकिन पीपल की टहनियां लगातार खतरा बनी हुई थी। कुछ टहनियां मकान पर गिर भी चुकी है। पीपल को जड़ से नहीं काटा है।
इस बारे DFO हमीरपुर अंकित कुमार ने बताया कि बिना परमिशन पीपल के पेड़ और टहनियाँ नहीं काटी जा सकती। इस बारे पूरी डिटेल लेकर वन विभाग के कर्मचारियों को मौके पर भेज रिपोर्ट तलब की जा रही है।












