
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। महादेव मंदिर टांडा उड़मुड़ की जमीन पर कथित रुप से नाजायज तौर पर दुकानें बनाने के काम को रुकवाने की खुंदक निकालते हुए जिस व्यक्ति ने मुझे जातिसूचक शब्द कहे थे, असर रसूख वाला होने के चलते उस पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिसके चलते मैं मानसिक तौर से परेशानी से गुजरने को विवश हो रहा हूं। अगर पुलिस ने उक्त व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई न की तथा इस दौरान मेरे परिवार व मेरा कोई नुकसान होता है तो इसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होगा। यब शब्द टांडा निवासी मनजीत सिंह और प्रदीप कुमार ने होशियारपुर प्रैस क्लब में पत्रकारवार्ता दौरान कहे।

मनदीप सिंह ने बताया कि 11 अप्रैल को महादेव मंदिर की जमीन पर जब दुकानें बनाने के लिए काम शुरु किया गया तो उस समय समाज सेवी संस्था द्वारा इसका विरोध किया गया था और उस दौरान उसने कहा था कि यह मंदिर का मामला है तथा आपस में बैठकर बात कर ली जाए तो बेहतर है। परन्तु मौके पर मौजूद मंदिर पक्ष की तरफ से आए व्यक्ति ने उसे जातिसूचक शब्द कहे और उसका अपमान किया था। जिसकी शिकायत उसने थाना टांडा पुलिस को दी थी। परन्तु असर रसूखदार होने के चलते उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। जिसके चलते वह मानसिक परेशानी से गुजर रहा है तथा उसके पारिवारिक सदस्य भी डरे सहमे हैं। उसने बताया कि उसके गवाहों को भी धमकियां दी जा रही हैं तथा वे भी काफी डरे हुए हैं। मनदीप ने बताया कि अगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई न की और इस दौरान अगर उसे या उसके किसी पारिवारिक सदस्य को कोई नुकसान पहुंचा तो इसके लिए उक्त आरोपी व पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होगा।












