
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने पीएम पोषण स्कीम (मिड-डे मील) के तहत स्कूलों में दोपहर का भोजन तैयार करने को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। पंजाब राज्य खाद्य आयोग की बैठक और विभिन्न जिलों के दौरे के बाद यह कदम उठाया गया है, ताकि छात्रों को पौष्टिक, स्वच्छ और सुरक्षित आहार मिल सके। विभाग के निर्देशों के अनुसार, खाना निर्धारित साप्ताहिक मेनू के तहत ही पकाया जाएगा। कुक-कम-हेल्परों के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता अनिवार्य कर दी गई है। उन्हें एप्रन और टोपी पहनकर ही भोजन बनाना व परोसना होगा। साथ ही नाखून कटे होने चाहिए, नेल पॉलिश, अंगूठी या चूड़ी पहनने की मनाही रहेगी। इसके अलावा, कुक-कम-हेल्परों का प्रत्येक तीन महीने में टीबी, त्वचा रोग व अन्य जरूरी मेडिकल चेकअप कराना अनिवार्य किया गया है।

भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए केवल एगमार्क (Agmark) और एफएसएसएआई (FSSAI) प्रमाणित मसाले, दालें व तेल इस्तेमाल करने के आदेश दिए गए हैं। खाना पकाने में वनस्पति तेल का प्रयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा और इस्तेमाल हो चुके तेल का दोबारा उपयोग नहीं किया जाएगा। भोजन में केवल डबल फोर्टिफाइड नमक का उपयोग होगा। बच्चों को खाना परोसने से पहले प्रति सप्ताह दो अध्यापकों की ड्यूटी भोजन चखने के लिए लगाई जाएगी, जिसकी प्रविष्टि टेस्ट रजिस्टर में दर्ज होगी। रसोई में सुरक्षा को लेकर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं। खाना केवल एलपीजी गैस पर ही बनेगा; लकड़ी या अन्य ईंधन का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। गैस पाइप, रेगुलेटर और अग्निशामक यंत्रों की नियमित जांच जरूरी होगी। इसके साथ ही पानी की टंकियों की सफाई, पीने योग्य पानी की नियमित लैब जांच और आरओ सिस्टम लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्कूलों में 112, फायर (101), एम्बुलेंस (102/108), गैस लीकेज (1906) और फूड कमीशन के हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने होंगे।












