Thursday, October 8, 2026
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शिक्षा के साथ बच्चों को सुसंस्कारित बनाना भी जरूरी: धूमल

हमीरपुर/टौणीदेवी(द स्टैलर न्यूज़),रिपोर्ट: रजनीश शर्मा। शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को अच्छे गुण और संस्कार सिखाना भी बहुत जरूरी हैं। टौणीदेवी के कक्कडय़ार सीनियर सैकेंडरी स्कूल के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्यतिथि पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने उपस्थित बच्चों व अन्य लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही। प्रो. धूमल ने कहा कि हमारी जिन परम्पराओं व मान्यताओं को दकियानूसी व रूढि़वादिता का प्ररूप करार देकर दुनिया के अन्य देश हमें चिढ़ाते थे, आज वही देश उन परम्पराओं के पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांतों को पहचान कर उन्हें अपना रहे हैं। प्रो.धूमल ने कहा कि विद्यार्थी, अध्यापक एवं अभिभावक के जीवन में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का बहुत महत्व होता है।

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1998 में जब हमारी सरकार बनी तब उसमें स्व. ईश्वर दास धीमान जी शिक्षा मंत्री बने थे जो स्वयं भी एक अध्यापक और उन्हें इस महत्व का पूर्ण ज्ञान था। उन्होंने हर वर्ष हर शिक्षण संस्थान में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह मनाया जाना सुनिश्चित किया था। प्रो. धूमल ने शिक्षा के लक्ष्य पर सबका ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि बच्चे के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास वास्तव में शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए न कि डिग्री लेकर नौकरी के काबिल बनना। विद्यार्थी जीवन में पढ़ाई के साथ खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल का मैदान बच्चों को अनुशासन, टीम स्पीरिट, प्रतिस्पर्धा की भावना, मिलकर सबका सहयोग करना और केवल अपना स्वार्थ न देखना सिखाता है।

खेलों से यह सब गुण तो बच्चों में आते ही हैं, साथ ही उसका शरीर भी स्वस्थ रहता है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि गीता का ज्ञान अर्जुन जैसे पराक्रमी योद्धा को दिया गया था। जो स्वस्थ ही नहीं होगा वह ज्ञान प्राप्त कर करेगा क्या। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जितना जरूरी खेलें हैं उतना ही जरूरी है नशों से बच कर रहना। उन्होंने कहा कि नशे की लत अगर पड़ जाए तो जीवन भी खत्म हो जाता है। प्रो. धूमल ने कहा कि शिक्षा और गुणों के साथ बच्चों में संस्कार होना भी जरूरी हैं। हमें बचपन से सिखाया जाता है कि बड़ों का आदर सम्मान करो। सबको सम्मान देना हमारे धर्म और संस्कृति की पहचान है। धर्म कोई पूजा पद्धति नहीं है। हमारा धर्म हमें जिम्मेवारी सिखाता है। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष राकेश ठाकुर, मंडल अध्यक्ष रंजीत सिंह, रसील सिंह मनकोटिया, स्कूल के छात्र, अभिभावक, अध्यापक, प्रबंधन सहित स्थानीय पंचायत प्रधान शकुंतला देवी, पंचायत प्रतिनिधि व अन्य लोग उपस्थित थे।

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