हमीरपुर(द स्टैलर न्यूज़),रिपोर्ट: रजनीश शर्मा। हमीरपुर व मंडी की संस्कृति का संगम स्थल के नाम से विख्यात ऐतिहासिक टौणी देवी मेले का आयोजन सोमवार को किया गया। हल्की बारिश के मौसम में भी आयोजित इस मेले में लोगों ने हर्षोंल्लास से भाग लिया।

Advertisements

मान्यता है कि टौणी देवी माता कानों से बहरी है इसलिए मंदिर में रखे दो पत्थरों को टकरा कर आवाज़ पैदा की जाती जिससे माता का आह्वान किया जाता। अब इन पत्थरों को साईड में रख दिया गया है क्योंकि आधुनिक पीढ़ी पीतल की घंटियाँ बजाकर माता का आह्वान करती नजऱ आती है।

टौणी देवी मेले में इस बार राजस्थान से लाए गये ऊँठ की सवारी आकर्षण का केन्द्र रही। वहीं जलेबी, पकौड़े व आलू-छोले की दुकानों पर भी काफ़ी भीड़ देखने को मिली। करीब 750 साल पुराने मंदिर में ढोल नगाड़ों के बीच भगतों ने पंक्ति में खड़े होकर माता के दर्शन किए। मंदिर कमेटी टौणी देवी द्वारा मंदिर तथा मेले में आए लोगों के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे। लोगों ने मंदिर में लगातार चल रहे भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।

इस दौरान ग्राम पंचायत बारीं के उपप्रधान राजीव चौहान ने बताया कि प्रशासन ने मेले में बिजली, पानी, ट्रैफिक़ व सुरक्षा व्यवस्था का पूरा प्रबंध किया हुआ है जिस वजह से किसी को कोई दिक्कत नहीं आई। वहीं, मंदिर कमेटी के प्रधान धर्म सिंह ने बताया कि टौणी देवी मेले को लेकर लोगों में काफ़ी उत्साह रहता है और कमेटी पुरातन संस्कृति के अनुसार ही मेले का आयोजन करती है तथा बाहर से आने वाले लोगों के रहने व खाने की पूरी व्यवस्था करती है।

itbrains Digital Marketing experts in hoshiarpur

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here