बछवाड़ा/बेगूसराय(द स्टैलर न्यूज़),रिपोर्ट: राकेश कुमार। मिथिलांचल में प्रसिद्ध झमटिया व चमथा घाट पर गंगा दशहरा के अवसर पर उमड़ी यह बड़ी भीड़ भरे हीं आस्था के नजरिए से देखा जा रहा हो, मगर कोराना संक्रमण व सोशल डिस्टेंस के नजरिए से एक प्रशासनिक चुनौती भी है।

Advertisements

उत्तरवाहिनी गंगा घाट झमटिया धाम में यह जो तस्वीर आप देख रहे हैं यह अच्छी तस्वीर नहीं है। बल्कि यह तस्वीर दहशत फैलाने वाली है। लॉक डॉउन के दौरान थोड़ी सी छूट क्या मिली लोगों ने इस कदर गंगा स्नान के नाम पर गंगा घाटों पर आक्रमण बोला कि लॉक डाउन की ऐसी की तैसी होकर रह गई। यह नजारा झमटिया एवं चमथा जैसे तमाम प्रसिद्ध घाटों पर देखने को मिला। गंगा दशहरा के मौके पर अहले सुबह से हीं श्रद्धालुओं की भीड़ इस तरह गंगा स्नान के लिए टूटा कि लोग एक दूसरे को टक्कर मारते हुए भारी भीड़भाड़ के बीच आते जाते रहे।

कई जगह भयानक जाम की भी स्थिति देखने को मिली। लोग भेड़ बकरी की तरह वाहन में गंगा स्नान के लिए जाते हुए नजर आये। इस दौरान न तो प्रशासन ने कोई पूर्व से तैयारी की थी और ना ही प्रशासन को यह अंदेशा था कि इस तरह की तस्वीर देखने को मिलेगी और पहले भी ऐसा नजारा देखने को नहीं मिलता था। वैशाखी और माघी पूर्णिमा के मौके पर भयानक भीड़ होती थी लेकिन गंगा दशहरा ने सभी का रिकॉर्ड तोड़ दिया। हजारों हजार की संख्या में लोगों ने गंगा स्नान के नाम पर एक रिकॉर्ड बनाने का काम तो किया, मगर इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और सरकारी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई सबसे बड़ी बात तो यह रही कि लोग अपनी जान को खतरे में डालकर नौका, ट्युब, तैर कर गंगा के उस पार भी जाकर गंगा स्नान के साथ-साथ मटरगश्ती भी करते नजर आए।

लेकिन किसी ने भी लॉक डाउन की थोड़ी भी परवाह नहीं की। अंचल अधिकारी द्वारा तैनात किए गए राजस्व कर्मचारी घाट के प्रवेश द्वार पर बैठ कर आने जाने वाले वाहनों से राजस्व वसूली करते रहे। मगर एनएच28 तितर-बितर वाहनों को नियंत्रित करने से लेकर किसी अन्य कार्यों में पुलिस कर्मी नाम की कोई चीज नहीं थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here