Thursday, October 22, 2026
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मंत्रीमंडल की तरफ से औद्योगिक प्रोजेक्टों के लिए स्व-नवीनीकरण और कानूनी इजाज़तों की संभावी मंज़ूरी का मार्ग प्रशस्त

चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। नये औद्योगिक प्रोजेक्टों की बिना किसी देरी के शीघ्र्र शुरुआत यकीनी बनाने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में पंजाब मंत्रीमंडल ने शुक्रवार को पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट पर्मोशन ऐक्ट -2016 में संशोधन करने को मंज़ूरी दे दी, जिससे विभिन्न कानूनी इजाज़तों की संभावित स्व-मंज़ूरी के प्रावधान इसमें शामिल किए जा सकें। इस प्रावधान से न सिफऱ् ज़रूरी मंज़ूरियां मिलने में तेज़ी आयेगी बल्कि औद्योगिक इकाईयों को निर्धारित समय में सभी मंज़ूरियां हासिल होने का भरोसा भी मिलेगा। इससे पंजाब संभावी मंज़ूरियां देने वाले कुछ चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है। ‘द पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट पर्मोशन अमैंडमेंट बिल-2021’, जिसमें नये प्रावधान शामिल होंगे, को पंजाब विधानसभा के आगामी सैशन में पेश किया जायेगा जिससे इसको कानूनी रूप दिया जा सके। एक सरकारी प्रवक्ता ने मंत्रीमंडल की मीटिंग के बाद बताया कि निवेशक अनुकूल इस पहलकदमी से व्यापार करना और आसान होगा और इससे राज्य में उद्योगपतियों और उद्यमियों में विश्वास भी बढ़ेगा क्योंकि इससे उनको स्व-प्रमाणीकरण के आधार पर स्व-नवीनीकरण और संभावी मंज़ूरियां कम्प्यूटरीकृत ढंग से हासिल होंगी। राज्य स्तरीय मंज़ूरियों के लिए ये संभावी अनुमतियां विभिन्न विभागों पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, पंजाब फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, खाद्य, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामले, श्रम कमिशनर-कम-डायरैक्टर ऑफ फैक्टरीज, स्थानीय निकाय, आबकारी और कर, वित्त और आवास निर्माण और शहरी विकास विभाग की तरफ से आई.पी-बी.एफ.पी के द्वारा प्रदान की जाएंगी।

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निवेशकों को एक स्व-प्रमाणपत्र देना पड़ेगा जिसमें उनकी तरफ से साझा अजऱ्ी फार्म भरते समय सभी लागू एक्ट /नियम और कानूनों का पालन करने का भरोसा दिया जायेगा। ऐसी संभावी मंज़ूरियों के बिना किसी मानवीय दख़ल के बिना तुरंत ही प्रदान की जाएंगी जिससे काम करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता आयेगी और जवाबदेही तय होगी। संभावी मंज़ूरियों के लिए प्रोटोकॉल के अलावा स्व-प्रमाणीकरण के आधार पर अनुमतियां लेने सम्बन्धी स्व-नवीनीकरण प्रणाली भी शुरू की गई है। राज्य सरकार की तरफ से साल 2017 में बनायी गई विस्तृत उद्योग और व्यापारिक विकास नीति के अंतर्गत आकर्षक छूट दिए जाने के कारण पंजाब उद्योगीकरण की रहा पर बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही पंजाब सरकार ने राज्य में व्यापार समर्थकीय माहौल सृजन करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं, जिनमें पंजाब राइट -टू -बिजऩेस ऐक्ट -2020 शामिल है, जोकि राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम दर्जे के उद्यगों की स्थापना को प्रोत्साहन देता है और जिसके लिए स्व-प्रमाणीकरण के आधार पर किसी पूर्व मंजूरी की ज़रूरत नहीं है। एक और नई पहलकदमी के अंतर्गत इन्वैस्ट पंजाब-बिजऩेस फस्र्ट पोर्टल (आई.पी.-बी.एफ.पी.) ऑनलाइन सिंगल विंडो पोर्टल शुरू किया गया है जिससे समयबद्ध कानूनी मंज़ूरियां बिना किसी मानवीय संपर्क के प्रदान की जा सकें। इसकी तरफ से 12 से ज्यादा विभागों की 80 से अधिक मंज़ूरियां प्रदान की जाती हैं जिनमें फीस की डिजिटल अदायगी और ऑनलाइन ट्रेकिंग आदि ख़ास पक्ष शामिल हैं। हाल ही में पंजाब सरकार की नई निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वैस्ट पंजाब को भारत सरकार की तरफ से बेहतरीन कारगुज़ारी वाली प्रांतीय निवेश प्रोत्साहन एजेंसी के तौर पर मान्यता दी गई है

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