Wednesday, October 28, 2026
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फल मंडियों में जल्द बनाऐ जाएंगे राईपनिंग चैंबर:मुख्य सचिव

चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़): पंजाब के निवासियों को मिलावट रहित सेहतमंद भोजन और खाद्य की उपलब्धता को यकीनी बनाने के लिए मुख्य सचिव श्रीमती विनी महाजन ने शुक्रवार को फल मंडियों में आर्टीफीशल राईपनिंग चैंबर(मानवीय ढंग से फल पकाने वाला चेंबर) स्थापित करने, खाने में मिलावटखोरी के खिलाफ कई उचित उपाय करने और शुरू से ही बच्चों की खुराक में चीनी, नमक और तेल की कटौती करने सम्बन्धी ऐलान किया। श्रीमती महाजन यहां सुरक्षित और सेहतमंद भोजन संबंधी सलाहकार कमेटी की राज्य स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने खुराक और ड्रग्गज प्रबंधन (एफ.डी.ए) को इंटीग्रेटड चाइल्ड डिवैल्पमैंट सर्विसिज (आई.सी.डी.ऐस./एमडीएम) के अधीन बच्चों को सेहतमंद और सुरक्षित खुराक मुहैया करवाने के लिए महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग से मिलकर काम करने का सुझाव दिया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सलाह दी कि वह खाने-पीने की वस्तुओं में मिलावटखोरी की गतिविधियों में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए पुलिस विभाग से सहायता लें
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव श्री हुसन लाल ने सुझाव दिया कि भोजन में मिलावट करने वालों को पकड़ने के लिए खुफिया विंग से प्राप्त जानकारी का प्रयोग किया जाये। कैल्सियम कार्बाइड का प्रयोग से फलों को नकली ढंग से पकाने के रुझान को रोकने के लिए श्रीमती महाजन ने राज्य की फल मंडियों में आर्टीफिसियल राईपनिंग चेंबर स्थापित करने पर जोर दिया और सम्बन्धी विभागों को सभी जरूरी सहूलतें विकसित करने और फलों की बिक्री और खरीद में शामिल व्यक्तियों को ऐसी सहूलतों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

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अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास, राजी. पी. श्रीवास्तव ने बताया कि कोविड महामारी के कारण आंगनवाड़ी केंद्र बंद पड़े हैं इसलिए विभाग की तरफ से लाभपात्रियों को घर-घर जाकर सूखे खाना पदार्थ बाँटे जा रहे हैं। जबकि फील्ड स्टाफ विभाग लोगों को खाना पकाने के समय पर कम चीनी, नमक और तेल का प्रयोग करने के लिए भी जागरूक कर रहा है।
इससे पहले खुराक और ड्रग्गज प्रबंधन के कमिशनर श्री कुमार राहुल ने मीटिंग के एजंडे के बारे बताया, जिसमें फूड बिजनेस ओपरेटरों की रजिस्ट्रेशन/लायसेंस और राज्य में भोजन में मिलावटखोरी को रोकने के लिए फूड सेफ्टी विंग की तरफ से चलाईं गई विशेष मुहिम शामिल हैं।  
उन्होंने कमेटी के सदस्यों को और एजंडे जैसे इट राइट चैलेंज, जोकि दो जिलों अमृतसर और लुधियाना में चल रहा है, संबंधी भी बताया। इसके अलावा उन्होंने फूड सेफ्टी विंग की तरफ से साल 2020 -21 में राज्य के विभिन्न जिलों में भोजन सुरक्षा हेतु चलाईं विभिन्न गतिविधियों और मुहिमों की समय-समय पर की जा रही की निगरानी के बारे भी अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि कोविड महामारी के कारण खुराक सुरक्षा प्रशिक्षण और प्रमाणीकरण जैसी गतिविधियों में रुकावट आई है, परन्तु आनलाइन प्रशिक्षण सैशन चलाए जा रहे हैं, जिनमें आने वाले दिनों में और भी तेजी लाई जायेगी। इस दौरान कृषि, बागबानी, फूड प्रोसेसिंग और प्रशासनिक सुधार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी, स्कूल शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार, अतिरिक्त डायरैक्टर जनरल आफ पुलिस आर. एन. ढोके, पंजाब होटल एंड रैस्टोरैंट ऐसोसीएशन के प्रधान अमनवीर सिंह, नैसले इंडिया लिमिटेड मोगा के क्यू.ए मैनेजर रघू वकियाल और लैब, फूड एंड ड्रग्गज ऐडमिनिस्ट्रेशन के डायरैक्टर रवनीत कौर सिद्धू और अन्य सीनियर अधिकारी मीटिंग में शामिल हुए।

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