
दिल्ली: (द स्टैलर न्यूज़)। कोरोना ने पुरी दुनिया को तबाह कर दिया तो अब वही ही कोरोना ने नई बिमारियों को रुप दें दिया है। जिसके कारण अब और वायरस जीका वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। सबसे पहले केरल में यह संक्रमण आने की पुष्टि की गई है। जिसके कारण इस वायरस का भी खतरा मंडरा रहा है। केरल में 19 लोगों के सैंपल लिए गए थे। जिसमें 13 लोग जीका वायरस के संक्रमण पाये गए है। बताया जा रिया है कि जीका वायरस मच्छरों से फैलता है। आशंका है कि यह वायरस डेंगू जैसें ही होता है,जैसे बुखार,जोड़ों में दरद होना आदि जीका वायरस के लक्षण बतायें जा रहें है। ब्राजील में बंदरों में जीका और चिकनगुनिया के वायरस मिले है । ये मच्छरों से फैलते है, मच्छर बंदरो को काटता है ,और यह वायरस मच्छरों से इंसानों तक पहुंच जाता है। यह मच्छर ज्यादातर मीठे पानी में प्रजनन करते है और घर के अंदर होते है।

इस बिमारी का डर ज्यादातर गर्भवात महिलाओं को हो सकती है। इसकी वजह से बच्चों में जन्मजात बीमारियां या विसंगतियों को हो सकती है। पर अबी तक जीका वायरस का कोई इलाज और टीका नही आया है। जिसके कारण विक्ष स्वास्थ्य संगठन ने इस बात का खुलासा किया है। संगठन ने कहा कि यह भविष्य में विकराल रुप ले सकती है। इसी बिमारियां दुनिया के किसी कोने से फैल सकती है। यह किसी भी उम्र के लोगो को चपेट में लै सकता है। स्वास्थ्य संगठन की टीम ने दुनिया भर की दंवा कंपनियों को कहा कि इस जीका वायरस बिमारी का कोई टीका लांच किया जाए। ताकि इस वायरस को फैलने से पहले ही रोक लिया जाए। दुनियां में अब तक 18 दंवा कंपनियां जीका वायरस का वैक्सीन करने में लगी हुई है। परंतु इस वैक्सीन को बनाने के लिए करीब 10 साल का समह लगेगा।












