Tuesday, October 13, 2026
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विजीलैंस द्वारा मानसा का खाद्य और सार्वजनिक वितरण अधिकारी काबू  

चंडीगढ़, (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने राज्य की खरीद एजेंसी पनग्रेन को 25.34 लाख रुपए का वित्तीय नुकसान पहुँचाने के दोष अधीन मानसा में तैनात खाद्य और सार्वजनिक वितरण अधिकारी बलदेव राज वर्मा, जो अब जि़ला खाद्य और सिविल सप्लाई कंट्रोलर के तौर पर सेवा निभा रहे हैं, को गिरफ़्तार किया है।  

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इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए आज यहाँ राज विजीलैंस ब्यूरो के सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उक्त अधिकारी के विरुद्ध दर्ज दो शिकायतों की पड़ताल करने के उपरांत यह मामला दर्ज किया गया है। और ज्यादा जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन 2017-18 के दौरान राज्य सरकार ने कस्टम मिलिंग नीति लागू की थी, जिसके अनुसार खरीद केन्द्रों या अनाज मंडियों के अधिकार क्षेत्र में स्थित प्रामाणित राइस मिलों को इन अनाज मंडियों के साथ जोड़ा जाना था और धान के भंडारण या राइस शैलिंग के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। यदि किसी भी राइस मिल्लर द्वारा किसी के पास खरीद केंद्र या अनाज मंडी के साथ लिंक करने का दावा किया जाता है, तो इस सम्बन्धी फील्ड स्टाफ से रिपोर्ट लेनी थी और लिंक्ड राइस मिल को अतिरिक्त ट्रांसपोर्टेशन खर्च देने थे।  

 प्रवक्ता ने आगे बताया कि जांच के दौरान मानसा में पनग्रेन को अलॉट किये गए राइस शैलरों में धान के भंडारण सम्बन्धी प्राप्त विवरणों से पता लगा है कि गुरू राइस मिल को 4500 मीट्रिक टन धान की फ़सल अलॉट किया गया था परन्तु इसमें केवल 3824 मीट्रिक टन धान की फ़सल ही स्टोर की गई थी। शुरुआती खरीद के दौरान स्थानीय राइस मिलों की धान की अपेक्षित स्टोरेज सामथ्र्य पूरी नहीं हो सकी क्योंकि धान की फ़सल लायक खरीद केंद्र से दूर स्थित राइस मिलों में पहुँचाया गया था। इस तरह सरकार को ट्रांसपोर्टेशन खर्चों के कारण वित्तीय नुकसान बर्दाश्त करना पड़ा था। उन्होंने आगे बताया कि उक्त बलदेव राज वर्मा, कार्यकारी जि़ला खाद्य और सप्लाई कंट्रोलर मानसा ने अपने पसन्दीदा राइस शैलर मालिकों को दूर-दराज की मंडियों से भी धान की फ़सल स्टोर करने की सुविधा दी थी, जबकि अनाज मंडियों के नज़दीक स्थित शैलरों को उनकी सामथ्र्य के अनुसार धान की फ़सल अलॉट नहीं किया।  

 उन्होंने आगे बताया कि प्रमुख सचिव खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामले, पंजाब ने उक्त मुलजिम बलदेव राज वर्मा के विरुद्ध पाँच शैलर मालिकों की तरफ से धान की ढुलाई करके पनग्रेन एजेंसी को 25.34 लाख रुपए का नुकसान पहुँचाने के लिए चार्जशीट भी किया है। इस चार्जशीट से पता लगता है कि बलदेव राज वर्मा ने शैलर मालिकों के साथ गलत स्थानीय अनाज मंडियां लिंक करके पंजाब सरकार को भारी वित्तीय नुकसान पहुँचाया था।  इस सम्बन्धी बलदेव राज वर्मा के खि़लाफ़ विजीलैंस ब्यूरो बठिंडा रेंज थाना में आई.पी.सी. की धारा 409 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) के साथ 13 (2) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की आगे की जांच जारी है।

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