
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़ )। जिला संघर्ष कमेटी की अध्यक्षता करते हुये कर्मवीर बाली ने केन्द्र सरकार द्वारा वक्फ बोर्ड का जो प्रस्ताव संसदीय कमेटी को सौंपा है वह सराहनीय कदम है जो आगे जाकर मील पत्थर साबित होगा। कर्मवीर बाली ने कहा कि वक्फ का मतलब दान है। हैरानी की बात है कि पाकिस्तान 8 हज़ार 400 वर्ग किलोमीटर में है और वक्फ बोर्ड जो बना है वह 9 हज़ार वर्ग किलोमीटर से ऊपर है। पाकिस्तान से भी ज्यादा इसका क्षेत्रफल है। इसको असीम ताकत पंडित जवाहर लाल नेहरू, इन्दिरा गांधी तथा राजीव गांधी से लेकर मनमोहन सिंह तक ने दी है। कहते हैं अगर मनमोहन सिंह तीसरी बार प्रधानमन्त्री बन जाते तो भारत का इस्लामीकरन हो जाता।

वजह यह भी थी कि वक्फ बोर्ड का अधिकार क्षेत्र इतना था कि रजिस्टरी हुई ज़मीन को बिना नोटिस दिये उस प्रापटी को वक्फ घोषित कर दिया जाता है और उसकी सुनवाई कहीं नहीं होती न ही उसकी कोई अपील होती है। अब तो प्रस्ताव नये कानून का है उसमें वक्फ बोर्ड को साबित करना होगा कि यह वक्फ (दान) किसने किसके सामने दिया और इसकी सुनवाई ज़िला मैजिस्ट्रेट के पास या ज़िला मैजिस्ट्रेट एस.डी.एम. या तहसीलदार को जांच के आदेश दे सकता है। अब वक्फ बोर्ड की तानाशाही नहीं चलने वाली, न ही किसी किस्म का घप्पला होने वाला है। यह कानून जल्द से जल्द पास होना चाहिए। जो गलती पहले हो चुकी है इसका सुधार किया जा रहा है। जो स्वागत योग्य है। इस अवसर नवल किशोर कालिया, नरिन्द्र सिंह, पाल चन्द्र, नीरज शर्मा, विपन कुमार, मदन दत्ता, आदि शामिल थे।












