Tuesday, October 20, 2026
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हाइडल प्रोजेक्ट में मजदूरों ने मोदी सरकार द्वारा बनाए चार लेबर कोड के विरोध में किया प्रदर्शन

हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज), रजनीश शर्मा। सोमवार को सीटू के अखिल भारतीय आवाहन पर जिला के एकमात्र हाइडल प्रोजेक्ट में मजदूरों ने मोदी सरकार द्वारा बनाए चार लेबर कोड के विरोध में प्रदर्शन किया।आज सुबह से ही जिला के एकमात्र हाइडल प्रोजेक्ट धौलासिद्ध में मजदूर इकट्ठा हुए व हड़ताल की व गेट मीटिंग कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर कश्मीर सिंह ठाकुर, जिला सचिव जोगिंदर कुमार, रंजन शर्मा, संतोष कुमार, नवीन कुमार ने संबोधित किया। सभा को संबोधित करते हुए सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर कश्मीर सिंह ठाकुर ने कहा कि यह प्रदर्शन पूरे देश में किए जा रहे है l उन्होंने कहा जब से मोदी ने सत्ता संभाली है तब से देश के पाँच कार्पोरेट घरानों पर ही देश की बेशकीमती संपत्तियों राष्ट्रीय उच्च मार्गों, बंदरगाहों, हवाईअड्डों, बैंक, बीमा आदि सबकुछ लुटाया जा रहा है जो जनता के खून पसीने से निर्मित है। देश के प्राकृतिक संसाधनों जल,जंगल,जमीन, खनिज आदि इन कंपनियों के हवाले लूटाने के लिए किया जा रहा है जबकि जबकि देश जबकि देशवासियों पर तरह-तरह के टैक्स ठोक कर लूटा जा रहा है। मोदी सरकार ने देश के मूलभूत ढांचे में ही परिवर्तन कर दिए हैं संविधान संस्थाओं को मिट्टी में मिला दिया है और तानाशाही की तरह व्यवहार किया जा रहा है।

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मजदूरों के लिए बनाये सभी श्रम कानून खत्म कर दिए हैं व उनकी जगह चार नए लेबर कोड बनाए हैं जो मजदूरों को बंधुआ मजदूरी और गुलामी की तरफ ले जाने के का ही रास्ता साफ करते हैं। मोदी सरकार ने 2014 से आज तक बड़े कारपोरेट कंपनियों के 17 लाख करोड़ कर्ज माफ किए हैं और इसका बोझ देश की जनता के ऊपर डाला जा रहा है। देश में महंगाई तेजी के साथ बड़ी है। देश में बेरोजगारी की दर अपने चरम पर है परंतु मोदी सरकार ने सभी विभागों में रिक्त पड़े लाखों पदों को भरने की बजाय उन्हें समाप्त ही कर दिया गया है और अब जो भर्तियां की जा रही है वो नियमित तौर पर न होकर आउटसोर्सिंग व ठेका प्रथा के तहत की जा रही है जिससे श्रमिकों का जमकर शोषण किया जा रहा है। नौकरी की कोई सुरक्षा नहीं है और आए दिन मजदूरों को नौकरी से निकाल दिया जाता है। जिससे पूरे देश में युवाओं में हताशा का ही वातावरण बन रहा है। देश की जनता को लूटने के लिए मोदी सरकार ने नया बिजली बिल व नया मोटर व्हीकल एक्ट बनाए हैं जिससे लोगों की जिंदगी पर बहुत ही नकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है।

मोदी सरकार की नीतियों के चलते असमानता तेजी से बढ़ी है अमीर आदमी और अमीर हुए हैं जबकि भारत की ज्यादातर आबादी गरीबी रेखा के नीचे आ चुकी है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि देश में अगर सबसे अमीर एक प्रतिशत लोगों पर दो प्रतिशत टैक्स लगा दिया जाए तो देश में पूरे 140 करोड़ भारतीयों के लिए पांच बुनियादी अधिकार सुनिश्चित किये जा सकते हैं जिसमें खाद्य का सुरक्षा का अधिकार, शिक्षा व स्वास्थ्य का अधिकार, 60 वर्ष की आयु के बाद सभी भारतीयों को ₹10000 मासिक पेंशन सुनिश्चित की जा सकती है व साथ ही हर भारतीयों को रोजगार दिया जा सकता है। परंतु मौजूदा मोदी सरकार बेरोजगारों की फौज खड़ी करके बड़े कॉर्पोरेट घरानों को सस्ती से सस्ती लेबर मुहैया करवाने के ही काम में लगी है। आज के प्रदर्शन की मुख्य मांग है – मजदूरों के लिए बनाए जा रहे चारों लेबर कोड निरस्त किए जाए l मजदूरों को मासिक न्यूनतम वेतन 26000 रु सुनिश्चित किया जाए। श्रमिक कल्याण वोर्ड से मिलने वाले लाभ मजदूरों को एक माह के अंदर जारी की किए जाएं। आज के प्रदर्शन में नरेश कुमार, सुरेश, राजेश, भूमि सिंह, मस्तराम सैकड़ो लोगों ने भाग लिया।

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