Wednesday, October 28, 2026
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नहीं रहे भारत के रत्न, 86 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

नई दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। भारत के सबसे बड़े उद्योगपित रतन टाटा का निधन हो जाने का दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। रतन टाटा ने 86 साल की उम्र में अंतिस सांस ली। उन्होंने बुधवार देर वे मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल की इंटेंसिव केयर यूनिट में  भर्ती थे। टाटा का पार्थिव शरीर नरीमन पॉइंट स्थित नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स में रखा गया है और आज शाम 4 बजे उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। टाटा रत्न के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी सहित अन्य दिग्गजों ने शोक व्यक्त किया है।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भारत ने एक ऐसे आइकन को खो दिया है, जिन्होंने कॉर्पोरेट विकास को राष्ट्र निर्माण के साथ तथा उत्कृष्टता को नैतिकता के साथ मिश्रित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि टाटा एक दूरदर्शी बिजनेस लीडर, दयालु आत्मा और एक असाधारण इंसान थे। उन्होंने भारत के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित व्यापारिक घरानों में से एक टाटा ग्रुप को स्थिर नेतृत्व प्रदान किया। उनका योगदान बोर्ड रूम से कहीं आगे तक गया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि वह “महान उद्योगपति और सच्चे राष्ट्रवादी” के निधन से दुखी हैं। उन्होंने निस्वार्थ भाव से अपना जीवन हमारे राष्ट्र के विकास के लिए समर्पित कर दिया। जब भी मैं उनसे मिला, भारत और उसके लोगों की बेहतरी के लिए उनके उत्साह और प्रतिबद्धता ने मुझे चकित कर दिया। हमारे देश और उसके लोगों के कल्याण के लिए उनकी प्रतिबद्धता ने लाखों सपनों को जन्म दिया। समय रतन टाटा जी को उनके प्रिय राष्ट्र से दूर नहीं कर सकता। वह हमारे दिलों में जीवित रहेंगे।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि श्री रतन टाटा के निधन से दुखी हूं। वह भारतीय उद्योग जगत के दिग्गज थे, जिन्हें हमारी अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाना जाता है। उनके परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि रतन टाटा एक दूरदर्शी व्यक्ति थे। उन्होंने व्यापार और परोपकार दोनों पर अमिट छाप छोड़ी है। उनके परिवार और टाटा समुदाय के प्रति मेरी संवेदनाएं।”

मुकेश अंबानी ने कहा कि  ये भारत के लिए बहुत दुखद दिन है। रतन टाटा का जाना ना सिर्फ टाटा ग्रुप, बल्कि हर भारतीय के लिए बड़ा नुकसान है। व्यक्तिगत तौर पर रतन टाटा का जाना मुझे बहुत दुख से भर गया है, क्योंकि मैंने अपना दोस्त खो दिया है।

गौतम अडाणी ने कहा कि  भारत ने एक महान और दूरदर्शी व्यक्ति खो दिया है। टाटा ने मॉडर्न इंडिया के पाथ को रीडिफाइन किया। टाटा सिर्फ एक बिजनेस लीडर नहीं थे, उन्होंने करुणा के साथ भारत की भावना को मूर्त रूप दिया।

टाटा चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि हम अत्यंत दुख के साथ रतन टाटा को विदाई दे रहे हैं। समूह के लिए टाटा एक चेयरपर्सन से कहीं ज्यादा थे। मेरे लिए वे एक गुरु, मार्गदर्शक और मित्र थे।

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