
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। भाजपा की वरिष्ठ नेत्री एवं पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने कहा है कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हाट स्प्रिंग क्षेत्र में देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए जीवन का बलिदान देने वाले सीआरपीएफ के दस जवानों ने शहादत पाई थी। उनकी शहादत के कारण ही हमारी सीमाएं सुरक्षित रहीं।

उन्होंने कहा कि आज जबकि पूरे देश के पुलिस विभाग द्वारा इन शहीदों की स्मृति में बलिदान दिवस आयोजित किया जा रहा है तो सारे देशवासियों से मेरा यह प्रश्न है कि क्या इन शहीदों को याद करना केवल पुलिस का काम है? हमारा देश, हमारी आजादी, हमारा मान सम्मान जिन वीरों के कारण सुरक्षित है जिनके अपने परिवार तो अनाथ हो गए पर उन्होंने हमें सनाथ रखा, उन सबको प्रणाम करना, उनकी याद में सिर झुकाना सारे देशवासियों का कर्तव्य है। इसलिए जहां पुलिस स्मृति दिवस पुलिस लाइन में मनाया जाता है, वहां सभी स्कूलों कालेजों, मंदिरों गुरुद्वारों में अपने इन शहीदों की स्मृति में बलिदान दिवस का आयोजन किया जाना चाहिए।












