Sunday, October 25, 2026
Home Hoshiarpur आयोडीन युक्त नमक की पहचान- उगते सूरज का निशान

आयोडीन युक्त नमक की पहचान- उगते सूरज का निशान

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। सी.एच.सी हरटा बडला आयोडीन की कमी से मानव स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान एवं इस सूक्ष्म पोषक तत्व के बारे में जानकारी देने के उद्देश्य से सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ.पवन कुमार और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी सीएचसी हरटा बडला डॉ.मनप्रीत सिंह बैंस के दिशा-निर्देशों के अनुसार सीएचसी हरटा बडला में “वैश्विक आयोडीन अल्पता विकार निवारण दिवस” मनाया गया।

Advertisements

 इस अवसर पर बोलते हुए चिकित्सा अधिकारी डॉ.मनदीप कौर ने कहा कि आयोडीन की कमी से मानव शरीर में होने वाले रोग आयोडीन रोग कहलाते हैं।शरीर में आयोडीन की कमी से घेंघा रोग, बहरापन, आंखों का धुंधलापन और बच्चे कमजोर बुद्धि और शारीरिक कमजोरी के साथ पैदा हो सकते हैं ।आयोडीन एक ऐसा तत्व है जो मानव शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, अगर इसकी कमी शरीर में हो जाए तो मानसिक और शारीरिक विकास हमेशा के लिए रुक जाता है। उन्होंने कहा कि शारीरिक विकास और मस्तिष्क के विकास के लिए आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग करना चाहिए। आयोडीन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे दूध, दही, अंडे, मछली, समुद्री भोजन आदि खाएं।

गर्भवती महिलाओं में आयोडीन की कमी से गर्भपात भी हो सकता है और बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाता है। गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था की शुरुआत में ही थायराइड की जांच करानी चाहिए।थायरॉइड हमारे शरीर (गले) में एक ग्रंथि है और आयोडीन एक पोषक तत्व है जिसकी थायरॉयड ग्रंथि को ठीक से काम करने के लिए आवश्यकता होती है। उन्होंने यह भी बताया कि हमें प्रतिदिन 150 माइक्रोग्राम आयोडीन की आवश्यकता होती है और गर्भवती माताओं को प्रतिदिन 200 माइक्रोग्राम तक आयोडीन की आवश्यकता होती है।नमक को हमेशा बंद डिब्बे में रखना चाहिए और आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग 6 महीने के अंदर कर लेना चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here