
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। विधानसभा के मौजूदा विशेष सत्र को आज दो दिन हो चुके है। पहले दिन मात्र 11 मिनट सत्र चलाकर सभा को स्थगित कर दिया गया, दूसरा दिन नारेबाज़ी तथा बहिष्कारों की भेंट चढ़ गया तथा विधानसभा में जनता के हित के किसी मुद्दे पर गंभीरता से बातचीत नहीं हो सकी। ऐसी स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद ने कहा कि विधानसभा का मंच विभन्न दलों की राजनीती चमकाने के लिए नहीं बना है। विधानसभा का मंच पंजाब के मुद्दों पर विचार बटांदरा करके उसका समाधान ढूढ़ने के लिए है। एक दिन के सत्र को चलाने के लिए 117 विधानकों के दैनिक भत्ते, यात्रा भत्ते, पुलिस सुरक्षा, बिजली, सजिवालय का प्रशासन आदि पर लगभग 80 लाख से 1 करोड़ का खर्च आता है, जो बोझ पंजाब की जनता की खून पसीने की कमाई से भरे हुए टेक्सो से पूरा होता है, उदहारण के तोर पर 11 मिनट चले पहले दिन के सत्र पर लगभग 1 करोड़ खर्च हुए यानि कि उस सत्र को चलाने का बोझ 9 लाख प्रति मिनट सरकार को झेलना पड़ा।

उह्नोने कहा कि विधानसभा में मौजूद दो प्रमुख पार्टियां आम आदमी पार्टी तथा कांग्रेस इन दिनों केवल राजनीती चमकाने में ही लगी रही तथा आरोप प्रत्यारोप में पूरा समय गवा रही है। अगर बारीकी से देखा जाए तो इन दिनों में पंजाब विधानसभा में कोई भी सकारात्मक चर्चा नहीं हुई, जिससे पंजाब के लोगो का भला हो सके या पंजाब को उन्नत करने की दिशा में कोई ठोस फैसला लिया जा सके। श्री सूद ने कहा कि ऐसी स्थिति में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कायम रखना एक गंभीर चुनौती बन गई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियां बाहर तो एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाती ही रहती है। परंतु पंजाब तथा पंजाब के लोगों के भले के लिए उन्हें विधानसभा के सत्र के दौरान ऐसी हरकतों से बाज आना चाहिए। सत्र का उपयोग केवल पंजाब तथा पंजाबियों के मुद्दों पर मंथन करके ठोस फैसले के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो विधायक व्यर्थ में समय की बर्बादी करे उनके भत्तों में कटौती की जानी चाहिए।












