
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के अधिकतर मंत्रियों की ओर से किसी समारोह विशेष में अतिथि बनने के पश्चात संस्था के लिए सरकारी ग्रांट देने की घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन बहुत कम ऐसे मंत्री हैं जो अपनी घोषणा के अनुसार संस्था को ग्रांट देते हैं। अगर इन मंत्रियों को सरकार से अनुदान राशि के लिए धन नहीं मिला तो फिर उनको घोषणाएं करके तालियां नहीं बजवानी चाहिए। मुख्यमंत्री भगंवत मान से यह अनुरोध है कि अपने मंत्रियों को यह आदेश दें कि अगर तो वे स्वेच्छिक अनुदान में से ग्रांट देने की स्थिति में हैं तभी समारोहों में घोषणाएं करें अन्यथा पहले कुछ दिनों के लिए तो वाहवाही मिल सकती है, बाद में सरकार की निंदा होती है।

शहीद मदनलाल ढींगरा के बलिदान दिवस पर पंजाब सरकार के दो मंत्री ढींगरा सोसाइटी के लिए पांच पांच लाख ग्रांट देने की घोषणाएं कर गए, पर तीन महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद और रिमाइंडर देने के बाद इन मंत्रियों को याद नहीं कि संस्था को कोई अनुदान देने की घोषणा करके आए हैं।












