
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बलबीर सिंह सिद्धू ने हथकड़ियों एवं बेड़ियों में भारतीय प्रवासियों को निर्वासित करने की कड़ी निंदा की है और इसे मानवाधिकारों की घोर उल्लंघना बताया है। केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार ने अपनी कमज़ोर लीडरशिप का परिचय दिया है। निर्वासित युवाओं के साथ अमानवीय व्यवहार अस्वीकार्य है। वे सामान्य नागरिक हैं, अपराधी नहीं।” केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा, “अमेरिका द्वारा भारतीय नागरिकों को सैन्य विमान में बांधकर वापस भेजना भारत का अपमान है। हमारे युवा अपनी जान जोखिम में डालकर रोजगार की तलाश में विदेश गए थे – केवल इसलिए क्योंकि हमारी सरकार देश में रोजगार देने में असफल रही।” सिद्धू ने भाजपा नेतृत्व पर हमला करते हुए कहा, ”ट्रंप के साथ अच्छी दोस्ती के मोदी के बड़े-बड़े दावों की पोल खुल गई है।” निर्वासित युवाओं के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “हथकड़ियां, पैरों में जंजीरें, 40 घंटे तक शौचालय का उपयोग करने के लिए संघर्ष करना – भारत सरकार अपने नागरिकों को अपनी भूमि पर वापस लाते समय किसी विदेशी देश द्वारा इस तरह के व्यवहार की अनुमति कैसे दे सकती है?”

कोलंबिया से तुलना करते हुए सिद्धू ने कहा, “कोलंबिया, जिसकी जनसंख्या मात्र 52 मिलियन है और जो विश्व अर्थव्यवस्था में 39वें स्थान पर है, अपने नागरिकों के लिए खड़ा हुआ। जब अमेरिका ने कोलंबिया के प्रवासियों को सैन्य सी-17 विमान से वापस भेजने की कोशिश की, तो राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने विमान को उतरने नहीं दिया। अमेरिका को उन्हें वापस भेजना पड़ा। बाद में कोलंबिया ने अपने नागरिकों को सम्मान के साथ घर वापस लाने के लिए दो यात्री विमान भेजे। राष्ट्रपति पेट्रो ने व्यक्तिगत रूप से उनका स्वागत किया, उन्हें वित्तीय सहायता और अपने देश में सम्मानजनक जीवन का आश्वासन दिया।” “इसके विपरीत, दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, परमाणु शक्ति और 1.4 अरब लोगों का घर भारत अपने नागरिकों के लिए ऐसा करने में विफल रहा। ‘दुनिया का सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री’ होने के बावजूद, सरकार चुप रही।” ‘आप’ के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा, “आप सरकार उन अनधिकृत एजेंटों को रोकने में पूरी तरह विफल रही है जो निर्दोष युवाओं को ‘गधे’ के रास्ते अवैध आव्रजन में गुमराह करते हैं। पंजाब में नौकरियां पैदा करने और उत्पादक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने में उनकी विफलता ने रोजगार प्रदान करने के उनके झूठे दावों का पर्दाफ़ाश किया है।” सिद्धू ने अंत में ये मांग की, कि पंजाब और केंद्र सरकार दोनों “अमेरिका से निर्वासित युवाओं के पुनर्वास के लिए धनराशि जारी करें।”












