Monday, October 26, 2026
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राष्ट्रपति ने पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया

नई दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बठिंडा में पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लिया। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन में एक चरण के पूरा होने और दूसरे चरण की शुरुआत का अवसर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विद्यार्थी अपने आचरण और योगदान से इस विश्वविद्यालय, अपने परिवार और देश का नाम रोशन करेंगे।

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राष्ट्रपति ने छात्रों को सलाह दी कि वे पांच अच्छी चीजों- जिज्ञासा, मौलिकता, नैतिकता, दूरदर्शिता और सहजता को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। श्रीमती मुर्मु ने कहा कि जिज्ञासा व्यक्ति को नई जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करती है। जिज्ञासु व्यक्ति जीवन भर नई-नई चीजें सीखते रहते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी विषय को अच्छी तरह से समझने के बाद उस विषय या किसी अन्य क्षेत्र में कुछ नया करने का प्रयास करना चाहिए। मौलिकता से विशिष्ट पहचान मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि नैतिकता ही सार्थक जीवन का आधार है।

सफल व्यक्ति बनने से ज्यादा महत्वपूर्ण है अच्छा व्यक्ति बनना। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने निजी जीवन या कार्य में जो भी अवसर चुनें, वह तात्कालिक लाभ के आधार पर नहीं, बल्कि अपनी क्षमताओं और रुचियों के स्थायी उपयोग की संभावना पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सहजता एक मूल्यवान गुण है। इसके कई आयाम हैं। दिखावे या दिखावे से बचना इसका एक आयाम है। शब्दों और कार्यों में एकरूपता सहजता का दूसरा आयाम है। अपनी जड़ों से जुड़े रहना भी सहजता का एक अन्य महत्वपूर्ण आयाम है।

राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय में लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के छात्र अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसका शिक्षण समुदाय भी भारत की विविधता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान में पूरे देश का प्रतिनिधित्व इस विश्वविद्यालय की एक सराहनीय विशेषता है। ऐसे संस्थान हमारे देश की जीवंत संस्कृति के प्रतिनिधि हैं।

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