
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। दुर्गा पूजा करने वाले सारे भारतीय हिंदू समाज से मेरा अनुरोध है कि कन्या पूजन के साथ साथ ही यह भी याद रखिए जो हमारे ग्रंथों में कहा गया है कि मातृव्रत परदारेषु अर्थात हर महिला मां के बराबर होती है। जिस देश में कन्या पूजन हो, जिस देश में हर महिला को मां मानने का धार्मिक संदेश और आदेश हो उस देश में लड़कियों के साथ बलात्कार जैसे अपराध क्यों होते हैं? विशेषकर जो लोग हर समय महिला का नाम लेकर गाली निकालते हैं मां, बहन, बेटी कोई भी ऐसा रिश्ता नहीं छोड़ते जहां महिलाओं को गाली न दी जाती हो तो उन्हें केवल 15 मिनट के लिए कन्या पूजन करने से कोई लाभ मिलने वाला नहीं, क्योंकि गाली निकालने वाले हर समय महिलाओं का अपमान करते हैं। याद रखना होगा भगवान रामजी ने भी यह कहा है कि जो महिलाओं का अपमान करते हैं।

उन्हें इस दुनिया में रहने का कोई अधिकार ही नहीं हैं, तो नवरात्रों में देवी मां की पूजा, कन्या पूजन और राम नवमी का त्यौहार मनाने के बाद भी अगर हमारे समाज के पुरुषों के मुंह में गाली रहती है तो यह माना जाएगा कि वे केवल पूजा का नाटक करते हैं, उनके मन में बेटी, बहन, मां के लिए कोई सम्मान नहींं। आइए यह संकल्प लें कि इस दुर्गा पूजा के बाद कभी भी कोई भी पुरुष महिला सूचक गाली नहीं निकालेगा और सरकार से मेरा फिर वही प्रश्न है कि अगर जातिसूचक गाली निकालना अपराध है तो महिलाओं को गालियां क्यों दी जा रही हैं? शायद इसलिए क्योंकि कानून के रक्षक व मालिक भी स्वयं गालियां निकालते हैं।












