
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), संदीप डोगरा। अगर आप शहर के माडल टाउन इलाके में रहते हैं तो यह खबर आपके लिए खास है और अगर आपके पास रिहायश के पक्के कागजात या मालिक जिससे आपने जमीन खरीदी है ने आपको जमीन व मकान के पक्के कागजात नहीं दिए व कब्जा ही दिया है तो यह खबर आपके लिए और भी जरुरी हो जाती है। क्योंकि, पंजाब सरकार ने जिस प्रकार से गांवों में सरकारी जमीन से कब्जे हटवाए हैं, तो सूत्रों की माने तो उसी की तर्ज पर शहरों में भी सरकारी जमीनों पर किए गए कब्जे हटाने संबंधी कार्यवाही को अमल में लाया जा सकता है और माडल टाउन इलाके में कई सरकारी जगह हैं, जहां पर कई लोगों द्वारा अवैध रुप से कब्जा किया गया है और कब्जे वाली जगहों को आगे बेचा तक जा चुका है। इसके अलावा माडल टाउन इलाके में पड़ती मालकी वाली जगह के मालिक व उनके द्वारा अधिकृत किए गए लोग भी जमीन का मालिकाना हक लेने के लिए कानून का सहारा लेने की तैयारी में हैं। जिससे मात्र कब्जा लेकर रह रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं, फिर किसी के कब्जे में घर हो या प्लाट।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार सरकारी जगहों का वेरवा जुटाने के लिए कवायद शुरु की जा चुकी है और दूसरी तरफ जो असल मालिक हैं के द्वारा भी अपनी जमीन से कब्जे छुड़वाने के लिए कानून का सहारा लेने का पूरा मन बना लिया गया है, भले ही कानूनी प्रक्रिया में इसके लिए 2-4 साल का समय ही क्यों न लग जाए, लेकिन वह अपनी जगह से कब्जे छुड़ाकर ही रहेंगे।
माडल टाउन में न्यू माडल टाउन की बात करें तो वहां पर कब्जे अधिक देखने को मिल रहे हैं और इनमें तो कई कब्जे रसूखदार लोगों द्वारा किए गए हैं और उनके द्वारा कब्जे वाली जगहों पर आलीशान इमारतों का भी निर्माण किया जा चुका है और कई लोग निर्माण करने की फिराक में हैं।
ऐसे में कब्जा धारियों के पास या तो कानूनी लड़ाई लड़कर अपना कब्जा वैद्य होने का प्रमाण देना होगा या फिर मालिक से संधि करके मौके मुताबिक बनता सौदा करके मालिक व उसके द्वारा अधिकृत किए गए व्यक्ति से मालिकाना हक लेने जैसे दो ही रास्ते बचते हैं। पहला रास्ता उतना ही मुश्किल है जितना कि पैदल चांद तक का सफर करना और दूसरा रास्ता अपनाने वालों की गिनती कितनी होती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
इस संबंधी एक व्यक्ति ने फिलहाल नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उसके पास मालिकाना हक के कागजात हैं और जिन लोगों नेै माडल टाउन इलाके में गैरकानूनी ढंग से व सियासी पहुंच के चलते कब्जे किए हुए हैं उनके खिलाफ वह माननीय हाईकोर्ट में जाएंगे ताकि उन्हें न्याय मिल सके। उसका कहना है कि मिलीभगत करके कब्जे वाली जगहों पर निर्माण करने वाले और करवाने वालों को भी वह माननीय अदालत में लेकर जाएंगे ताकि उन्हें न्याय मिल सके। अब देखना यह होगा कि माडल टाउन इलाके में सरकारी व गैरसरकारी जमीन पर बैठे कब्जाधारियों पर क्या कार्यवाही की जाती है तथा जो प्राइवेट लोग हैं व माडल टाउन में पड़ती 15-20 एकड़ जगह के मालिक हैं के द्वारा क्या रुख अपनाया जाता है।











