
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। कुछ राजनेता और कुछ सरकारें अमृतसर शहर को कभी स्मार्ट बनाने के लिए करोड़ों रुपये दे देती हैं। शहर तो वैसा ही रहता है जैसा करोड़ों रुपये आने से पहले था और कुछ धार्मिक लोग विशेषकर राजनीतिक जो अपने चुनावों में करोड़ों रुपयों की शराब भी पिला देते हैं वे पवित्र नगरी का नारा लगाते हैं। मेरा सरकार से भी और इन पवित्र नगरी के नारे लगाने वालों से एक प्रश्न भी है अपील भी है कि एक बार हमें आम नागरिकों को यह तो बता दीजिए कि जो शहर स्मार्ट बन जाएगा वह कैसा होगा और जो पवित्र बनेगा वहां कौनसी पवित्रता आएगी।

वहां से भ्रष्टाचार, व्याभिचार, कदाचार, शराब के ठेके, स्पा सेंटरों के नाम पर दुराचार, रिश्वत और इंसान का शोषण खत्म हो जाएगा? केवल नारे लगाकर अपने राजनीतिक हित पूरे करने या धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करने के लिए लगाए जा रहे नारे सुन सुन कर जनता थक चुकी है। मैंने पंजाब सरकार को भी लिखा है कि स्मार्ट सिटी किसे कहते हैं हमें बताएं और उसके लिए जो अरबों रुपया भेजा गया है वह किसकी जेब में जा रहा है या शहर के विकास में लग रहा है वह भी बताएं।











