
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। केन्द्र सरकार द्वारा ऑन लाईन गेमिंग संवर्धन एवं विनियम विधेयक पारित कर एक ऐसे क्षेत्र को काबू में लाने का प्रयास किया है जो पिछले काफी समय से बेकाबू हो कर हमारे समाज की खास तौर पर युवा वर्ग को चोट पहुंचा रहा था। उक्त बात नई सोच संस्था के अध्यक्ष अशवनी गैंद ने कही। उन्होने कहा कि स्मार्ट फोन एवं इंटरनेट की सुलभता ने गेमिंग को हर हाथ में पहुंचा दिया। दरअसल ऑन लाईन गेमिंग का परिदृष्य दो चेहरों बाला है, एक तरफ जिसमें ई-स्पोर्टस जैसे विकल्प यहां युवाओं की प्रतिभा, रणनीति और टीम भावना उभर कर सामने आती है, यह चेहरा आकर्षक है। वहीं दूसरा चेहरा पैसे का लालच है , किस्मत और कौशल के नाम पर दाव-पेच, यह एक तरह से कह सकते हैं कि जुआ है और नतीजा बर्बादी है। जिसने लाखों लोगों को कर्ज, अवसाद और आत्महत्या की और धकेला है। आंकड़े बताते हैं कि 45 करोड़ से अधिक लोग इन खेलों मी गिरफत में हैं और ज्यादातर लोग इसे जुऐ के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। देश में युवाओं की संख्या सबसे अधिक है और यदि यही वर्ग डिजिटल जूऐ के जाल में फंस गया तो भविष्य अंधकारमय हो जायेगा।

अशवनी गैंद ने कहा कि पंजाब सरकार को चाहिए कि ऑन लाईन गेमिंग के साथ-साथ पंजाब में बड़े स्तर पर मैचों के रुप में भी सट्टा चल रहा है जिस पर सख्ती से अंकुश लगाये और प्रशासन यदि इसे ईमानदारी और गम्भीरता से लेकर बंद करवाना चाहे तो समाज को राहत मिलेगी और युवा वर्ग का ध्यान इस पर से हटेगा। इस मौके पर मौजूद ठाकुर वीर प्रताप, अशोक शर्मा, नीरज गैंद, अमन सेठी, राज कुमार वशिष्ट आदि।












