
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। दिल्ली के आश्रम में स्वामी पर छात्राओं के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। ओडिशा से ताल्लुकात रखने वाले स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को पहले डॉ. पार्थसारथी के नाम से जाना जाता था। वह खुद को संत बताता है और लगभग 12 साल से आश्रम में रह रहा है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है कि जब चैतन्यानंद पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं।

पुलिस ने आश्रम के निदेशक के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले में मामला दर्ज किया है। जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक आश्रम के शाखा के निदेशक पर 15 से अधिक छात्राओं द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद कथित छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, 4 अगस्त को वसंत कुंज उत्तर पुलिस स्टेशन में स्वामी के खिलाफ संस्थान के एक प्रशासक से शिकायत मिली थी, जिसमें संस्थान में ईडब्ल्यूएस छात्रवृत्ति योजना के तहत पीजीडीएम पाठ्यक्रम करने वाली छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए गए, जिनमें से 17 ने आरोपियों द्वारा अपमानजनक भाषा, अश्लील व्हाट्सएप/एसएमएस संदेश और अवांछित शारीरिक संपर्क का आरोप लगाया। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि संकाय/प्रशासक के रूप में कार्यरत महिलाओं ने उन्हें आरोपियों की मांगों को पूरा करने के लिए उकसाया और दबाव डाला। इसके बाद वसंत कुंज उत्तर पुलिस स्टेशन में धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया और घटनास्थल के साथ-साथ कथित व्यक्ति के पते पर कई छापे मारे गए।
हालांकि, संस्थान से एकत्रित एनवीआर/हार्ड डिस्क एफएसएल को भेज दी गई हैं। पटियाला हाउस कोर्ट में न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने 16 पीड़ितों के धारा 83 बीएनएसएस के तहत बयान दर्ज किए गए हैं। जांच के दौरान, संस्थान के बेसमेंट में एक वोल्वो कार खड़ी मिली। पता चला कि जाली राजनयिक नंबर प्लेट वाली यह कार कथित तौर पर स्वामी द्वारा इस्तेमाल की जा रही थी। उन्होंनें बताया कि मुख्य आरोपी अभी फरार है।












