
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। 23 सितंबर को पूरे विश्व में पहली बार विश्व पंजाबी दिवस हर्ष और उत्साह के साथ मनाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य पंजाबी भाषा, साहित्य और संस्कृति के महत्व को पहचानना और नई पीढ़ी में अपनी मातृभाषा के प्रति गर्व और आत्मसम्मान की भावना जागृत करना है।

पंजाबी भाषा केवल एक बोली नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर, हमारी पहचान और जीवन की धड़कन है। इसमें लोकगीत, कविताएँ, कहावतें, नृत्य और बोलियाँ शामिल हैं, जो हमारी सभ्यता और परंपराओं को जीवित रखती हैं।
टॉडलर्स होम स्टडी हॉल में इस वर्ष पहली बार विश्व पंजाबी दिवस बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में कविता पाठ, निबंध लेखन, भाषण प्रतियोगिता, पोस्टर मेकिंग, लोकगीत, भंगड़ा और गिद्धा जैसे रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने बड़ी उत्सुकता और जोश के साथ भाग लिया, जिससे वातावरण में उल्लास छा गया।
विद्यालय ने यह संकल्प लिया कि अब से विश्व पंजाबी दिवस हर वर्ष इस उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा, ताकि बच्चों में अपनी मातृभाषा और संस्कृति के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना निरंतर बनी रहे।
विद्यालय की प्राचार्या जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा:-
“पंजाबी भाषा हमारी अस्मिता और गौरव की भाषा है। हमें अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलना चाहिए। विदेशी भाषाओं का ज्ञान आवश्यक है, लेकिन मातृभाषा का सम्मान और उससे जुड़ाव हमें हमारी संस्कृति की आत्मा से जोड़े रखता है। विश्व पंजाबी दिवस हमें यह संकल्प दिलाता है कि हम अपनी भाषा और संस्कृति को हमेशा संजोए रखें।”












