
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन एवं सफाई मजदूर फैडरेश ने पंजाब सरकार द्वारा विधानसभा में लिए गए फैसले कि जेलों में स्नाइपर डाग्स रखे जाएंगे ताकि जेलों में नशे की रोकथाम की जा सके, को हास्यपद बताते हुए तंज कसा और कहा कि सरकार को कर्मचारियों की नहीं कुत्ते रखे जाने की ज्यादा चिंता है। अगर ऐसा न होता तो शायद सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के हक में कोई फैसला लेती। इस मौके पर यूनियन अध्यक्ष कमल भट्टी एवं राजा हंस ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि विधानसभा में सरकार उनके गंभीर मुद्दे पर चर्चा करेगी और उनके हक में फैसला लिया जाएगा। लेकिन दुख की बात है कि किसी भी विधायक या मंत्री ने उनके हक में कोई आवाज नहीं उठाई, जिससे कर्मचारी वर्ग आहत है।

उन्होंने कहा कि कोई पूछने वाला हो कि क्या जेल में किसी सुरंग या हवाई मार्ग से नशा सप्लाई होता है, इसके लिए सीधे तौर पर जेल सुपरिंटेंडेंट या जेल स्टाफ जिम्मेवार है, जिनकी कथित मिलीभगत से सारा खेल चल रहा है। जरुरत तो जेल स्टाफ पर लगाम कसने की थी, लेकिन सरकार को शायद अपने कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर विश्वास नहीं, जो उन्हें कुत्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। दुख की बात है कि कट्टर ईमानदारी का मुखौटा लगाए सरकार को इंसान से ज्यादा कुत्तों पर भरोसा है, लेकिन अपनी जिंदगी के अनमोल साल सरकार के कार्यों पर न्यौछावर करने वाले आउटसोर्स कर्मियों की कोई सार नहीं ले रहा। कमल भट्टी एवं राजा हंस ने कहा कि अगर दिवाली के बाद सरकार ने आउटसोर्स कर्मियों के हक में कोई फैसला न लिया तो पंजाब भर में अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल होशियारपुर से बजेगा। इस मौके पर सुपरवाइजर यूनियन के प्रधान अश्वनी कुमार लड्डू, उपाध्यक्ष अरुण आदिया, चेयरमैन धरमिंदर, चेयरमैन अमन सहोता, अश्वनी भट्टी, मुख्य वक्ता आशू बत्तरा, जस्सी भट्टी, अनिल हंस, हरविंदर सैनी, सुमित शर्मा व अन्य मौजूद थे।











