
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद द्वारा जारी प्रेस नोट में कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी पार्टियों पर एस आई आर यानी मतदाता सूची के विशेष सघन पुनर्नरीक्षण के खिलाफ लगातार विरोध को उन के अस्तित्व की आखिरी लड़ाई की संज्ञा देकर कहा है कि आज तक कांग्रेस, सपा, आरजेडी, वसपा तथा त्रिणंमूल कांग्रेस आदि विपक्षी दल असविधानिक तरिके से घुसपैठियों तथा बांग्लादेशियों की अवैध वोटें बना कर चुनावों में विजय हासिल करते रहें हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी सधारण भारतीय नागरिक जो किसी भी राजनीतिक पार्टी से सम्बन्ध नहीं रखता वह एस आई आर को गलत नहीं कह सकता। 2026 में होने वाले अगामी विधान सभा चुनावों के दृष्टिगत अपनी हार को भांपते हुए पश्च्मी बंगाल की मुख़्यमंत्री ममता बैंजरी किसी भी हद तक जाकर एस आई आर का विरोध करने पर तुली हुई हैं, जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था की गंभीर स्थिति पैदा हो सकती हैं।

उन्होंने कहा कि मतदान सूची का विशषे सघन पुनंरिक्षण का कार्यक्रम पहले भी लगातार विशेष अंतराल के बाद होता चला आ रहा हैं, परन्तु कुछ बी एल ओ की कथित आत्महत्याओं के मामले को विपक्षी दल बेबजह उछाल कर एस आई आर से जोड़ रहें हैं, ता कि किसी भी बहाने इस पुनरंरिक्षण के काम में अड़चने डाली जा सके। उन्होंने कहा कि बी एल ओ की कथित आत्महत्याओं को इस से जोड़ना न्यायोचित नहीं हैं, क्योंकि बिहार में चुनावों से पहले हुए एसआई आर के दौरान भी हजारों की संख्या में बी एल ओ जुटे रहे , जिनमे से 450 के करीब बी एलओ को ड्यूटी में कोताही के कारण निलम्बित भी किया गया हैं, परन्तु एस आईआर के कार्य के सम्बन्ध में किसी के भी आत्महत्या करने की रिपोर्ट नहीं हैं।
श्री सूद ने कहा कि कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दल अगामी चुनावों के नतीजों से घबरा चुके हैं क्योंकि लोग भाजपा को उसकी कारगुजारी के कारण हर जगह सत्ता में ला रहें हैं। पहले कांग्रेस द्वारा वोट चोरी तथा सविधान को खतरे के मुद्दे उठाना भी लोगों के गले नहीं उत्तरा अब एस आई आर का विरोध भी लोगों के गले नहीं उतर रहा।












