Sunday, October 25, 2026
Home Hoshiarpur भगवान राम ने 24वें त्रेता युग और भगवान कृष्ण ने 28वें द्वापर...

भगवान राम ने 24वें त्रेता युग और भगवान कृष्ण ने 28वें द्वापर में लिया था अवतारः राजन जी महाराज

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। श्री बड़े हुनमान जी सेवक संस्था होशियारपुर की तरफ से चेयरमैन व कथा आयोजक पूर्व मेयर शिव सूद एवं प्रधान राकेश सूरी की अगुवाई में करवाई जा रही श्री राम कथा के चौथे दिन राजन जी महाराज ने भगवान राम अवतार की कथा को आगे बढ़ाते हुए भगवान की लीलाओं का वर्णन किया। इस मौके पर चारों भाईयों के आने के बाद राजा अपनी खुशी व्यक्त नहीं कर पाए। गोस्वामी जी कहते हैं चारों भाईयों के आने के बाद अयोध्या वासियों को जो सुख मिला, संपत्ति मिली एवं जिस समय समाज का दर्शन हुआ, इन चारों के विषय में सरस्वती एवं शेषनारायण भी कहने में सक्षम नहीं हैं। गोस्वामी जी कहते हैं, वह सुख संपत्ति समय समाजा, कही न सकइ शारद अहिराजा। राजन जी ने बताया कि जीवन में आनंद वही है जो बताया न जा सके। भगवान राम के अवतरण एवं उनके भाईयों के आने पर अयोध्या में पुरुष हवन यज्ञ करने लगे और माताएं-महिलाएं गुलाल की थालियां लेकर घर से बाहर निकल कर गुलाल उड़ाने लगीं। उनकी खुशी बयान नहीं की जा सकती। गुलाल से दिन में रात जैसा नजारा हो गया। भगवान ने रात्रि से पूछा कि तुम क्यों उदास हो तो उसने लगा कि मैं आपके प्रकाट्य को देख नहीं पाई, आप दिन में अवतरित हो गए।

Advertisements

इस पर भगवान ने कहा कि आज तो मैं आ गया तथा जब मैं द्वापर में अवतार लूंगा तो रात्रि के समय ही अवतार लूंगा। इसी दौरान चंद्रमा ने भी भगवान के दर्शन किए और उनसे कहा कि प्रभु मैं भी आपके दर्शनों से वंचित रह गया। इस दौरान राजन जी ने काल चक्र के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चारों युग जब बीत जाते हैं तो उसे एक चतुरयुग कहा जाता है तथा 71 बार चारों युग बीतते हैं तो उसे एकमनवंतर कहा जाता है। हर मनवंतर के एक राजा होते हैं, जिन्हें मनु कहते हैं। इस कलियुग के बाद 29वां सतयुग आएगा। 24वें त्रेता युग में अवतार लिए थे और कृष्ण जी 28वें द्वापर में भगवान कृष्ण ने अवतार लिया था। राजन जी ने कथा को आगे बढ़ाते हुए बताया कि भगवान सूर्यवंश में अवतरित हुए। जिस समय भगवान ने अवतार लिया तो उस समय दोपहर के 12 बजे थे और उस समय भगवान सूर्य एकदम बिलकुल सिर पर थे और उन्होंने थोड़ी देर रुककर भगवान के दर्शन किए और अयोध्या में छाया आनंद देखा। इस दौरान उन्होंने भजन, घर-घर आनंद छायो अयोध्या नगरी में के माध्यम से उपस्थिति को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर उन्होंने भगवान की बार लीलाओं का बहुत ही मार्मिक एवं दार्शनिक ढंग से वर्णन किया। जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति के रंग में रंग गए। राजन जी द्वारा गाए भजन, तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे बलिहार राघव जी पर सभी श्रद्धालु खूब झूमें।

इस मौक पर मुख्य यजमान व्रिजेश चंद्र विजय व प्रभा रश्मि, स्नेहमयी मां स्नेह अमृतानंद जी भृगु शास्त्री, अनंनत विभूषित महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी प्रकाशानंद सरस्वती जी महाराज, पूर्व मंत्री विजय सांपला, आशीष गुप्ता (कानपुर), कपिल मिश्रा, दीपक जैन व अजीव तिवारी लुधियाना, श्री सिद्धपीठ डंडी स्वामी मंदिर लुधियाना से प्रिंस छावड़ा, अशोक गुप्ता, चन्द्रमोहन डाबर, टंडन जी सहित दैनिक यजमानों में लखन मैते व कल्पना मैते, संजय सूद व कंचन सूद, विकास मल्होत्रा व एकता मल्होत्रा, राकेश बग्गा व माधवी बग्गा, मयंक शर्मा व शीतल शर्मा, व्यापार मंडल के प्रधान गोपी चंद कपूर व मंजू कपूर ने परिवार सहित पूजन किया और महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर सरबत दा भला चैरीटेबल ट्रस्ट होशियारपुर के अध्यक्ष आज्ञापाल सिंह साहनी, चंद्र सैनी, लक्ष्मी नारायण, गुरजीत सिंह बधावन, मास्टर सतपाल अग्रवाल, व्रतपाल भारद्वाज एवं पार्षद मोनिका कतना के अलावा संस्था की तरफ से महामंत्री प्रदीप हांडा, प्रचार सचिव अश्वनी शर्मा, कोषाध्यक्ष विपिन वालिया, प्रशांत कैंथ, कपिल हांडा, अनमोल सूद, गौरव शर्मा, शुभांकर शर्मा, अंकुश, सुशील पडियाल, अशोक सेठी, पं. दीपक शास्त्री, पंकज बेदी, मनी गोगिया, पंडित दर्शन लाल काका सहित अन्य सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण की।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here