
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। ईरान में विरोध प्रदर्शनों से जुड़े पहले फांसी की सजा के मामले में 26 साल के युवक इरफान सुल्तानी को फांसी देने की तैयारी की जा रही है। यह घटना आयतुल्लाह अली खामेनेई के शासन के खिलाफ चल रहे बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच हुई है। इरफान सुल्तानी फार्दिस के रहने वाले हैं, जो तेहरान के पश्चिम में कराज शहर के पास एक इलाका है। उन्हें 8 जनवरी 2026 को कराज में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मानवाधिकार संगठनों और परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, उनकी सजा बहुत तेजी से दी गई। गिरफ्तारी के महज दो दिनों के अंदर ही अदालत ने मौत की सजा सुना दी। उन्हें किसी वकील से मिलने या मुकदमे का मौका नहीं दिया गया।

11 जनवरी को परिवार को बताया गया कि सजा आज यानी 14 जनवरी 2026 को फांसी देकर अमल में लाई जाएगी। परिवार को सिर्फ 10 मिनट के लिए उनसे मिलने की इजाजत दी गई, जिसे अंतिम मुलाकात बताया गया है। इरफान पर आरोप मुख्य रूप से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से जुड़ा है और कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि उन पर ‘खुदा के खिलाफ जंग छेड़ने’ का इल्जाम लगाया गया है, जो ईरान में मौत की सजा वाला अपराध है। परिवार का कहना है कि इरफान कोई बड़ा राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं थे, बल्कि युवा पीढ़ी के उस हिस्से से थे जो देश की मौजूदा हालत से नाराज थे। यह विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर 2025 को तेहरान के ग्रैंड बाजार में महंगाई, ईरानी रियाल की गिरावट और जरूरी चीजों के दाम बढ़ने जैसी आर्थिक मुश्किलों के खिलाफ शुरू हुए थे। जल्द ही ये पूरे देश में फैल गए और सरकार के खिलाफ बड़े नारे लगने लगे। यह दशकों में सबसे बड़ा विरोध आंदोलन माना जा रहा है।











