
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। ” बकर ईद ” एक वार्षिक त्योहार है, जिसे मुस्लिम समाज हर वर्ष मनाता है। हम सब जानते हैं कि इस दिन यह लोग सैंकड़ों बकरों को “बली देने” के लिए काटते हैं। पिछले लंबे समय से यह प्रथा चली आ रही है, इस वर्ष इस त्योहार का दर्दनाक रूप देखने को मिला, जब ” मुस्लिम दोस्तों ने एक सैक्यूलर हिंदू को इस त्योहार पर बुला कर बकरे की जगह उस की कुर्बानी दे दी और अपनी हैवानियत का घिनौनापन दिखाया। जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। यह बात राजपूत सभा के सदस्यों ने एक बैठक में एक स्वर में कही। उन्होंने कहा कि यह सारा मामला सोशल मीडिया पर सामने आया और पूरे विश्व में फैल गया।

इस दरिंदगी पर सरकारी प्रबन्धन ने क्या कार्रवाई की, अथवा विपक्षी पार्टीयों के नेताओं की क्या प्रतिक्रिया हुई, उस का कोई वर्णन नहीं किया गया है। जो अति निंदनीय और हैरानी वाली बात है। लगता यह है कि मुस्लिम समाज के राजनीतिक पक्ष को ध्यान में रखते हुए, इस दर्दनाक अत्याचार पर विरोधी राजनीतिक दलों ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हम साधारण जनता के लिए यह और अधिक परेशानी वाली बात है। यदि ऐसा दुस्साहस किसी दूसरे पक्ष ने किया होता तो इन राजनीतिक दलों ने आसमान सिर पर उठा लिया होता। कितनी घटिया और तर्क-हीन बात है यह, जिसका राजपूत सभा होशियारपुर पुरजोर विरोध करती है। ऐसी बेरहमी वाली घटना के विरुद्ध, जान बूझकर चुप्पी साधे रखना और भी निंदनीय है। सभा पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मांग की कि इस अति निंदनीय हैवानियत के विरुद्ध सरकार ने क्या कार्रवाई की उसे सार्वजनिक किया जाये तथा जो लोग इस अमानवीय घटना का समर्थन कर रहे हैं उनके खिलाफ भी कार्यवाही की जाए।












