
सुजानपुर/ हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट-रजनीश शर्मा। राजपूत महासभा एवं राजपूत कल्याण सभा ने वर्तमान में चल रही जनगणना के लिए राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किए गए सॉफ्टवेयर पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सभा पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की गणना तो अलग-अलग श्रेणियों में कर रही है, जबकि अन्य सभी जातियों एवं वर्गों को “अन्य” श्रेणी में शामिल किया जा रहा है।

सभा का कहना है कि यदि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए अलग कॉलम बनाए जा सकते हैं, तो अन्य जातियों की अलग-अलग गणना अथवा कम से कम ओबीसी और सामान्य वर्ग के लिए भी पृथक श्रेणियां निर्धारित की जानी चाहिए थीं। पदाधिकारियों ने कहा कि सामान्य वर्ग को इस प्रकार नजरअंदाज करना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
राजपूत महासभा और राजपूत कल्याण सभा ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी स्थिति में अपने समाज की पहचान और अस्तित्व की अनदेखी स्वीकार नहीं करेंगे। उनका कहना है कि यदि जनगणना का उद्देश्य जाति आधारित आंकड़े एकत्रित करना नहीं है, तो सभी जाति वर्गों के लिए एक समान पैमाना अपनाया जाना चाहिए था। कुछ विशेष वर्गों के लिए अलग व्यवस्था और अन्य सभी को एक ही श्रेणी में रखना उचित नहीं माना जा सकता।
सभा पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न जाति एवं वर्गों के लिए आयोग गठित किए जा चुके हैं, लेकिन सामान्य वर्ग के लिए अब तक कोई आयोग स्थापित नहीं किया गया है। उन्होंने इसे सामान्य वर्ग के साथ संवैधानिक भेदभाव बताते हुए प्रदेश सरकार से शीघ्र सामान्य वर्ग आयोग गठित करने की मांग की।
इसके अलावा सभा ने सभी लोकसभा एवं विधानसभा प्रतिनिधियों से भी आग्रह किया कि वे उचित मंचों पर सामान्य वर्ग और राजपूत समाज का पक्ष प्रभावी ढंग से रखें तथा इस विषय को सरकार के समक्ष उठाएं।
पत्रकार वार्ता में राजपूत महासभा के जिला महासचिव एवं राजपूत कल्याण सभा के अध्यक्ष जोगिंदर ठाकुर, कल्याण सभा के महासचिव अजय रानोथ, जोल पंचायत सभा के अध्यक्ष यू.एस. चौहान, सेवानिवृत्त डीएसपी ओम प्रकाश चौहान, पूर्व प्रधान किशोर चंद, सदस्य महिंद्र ठाकुर, सूबेदार विजय सड़याल तथा रणबीर ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।












