
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के दाखा से विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ‘अकाली दल (वारिस पंजाब दे)’ संगठन में शामिल हो गए हैं। अयाली ने खडूर साहिब से हिरासत में लिए गए सांसद अमृतपाल सिंह की रिहाई, बंदी सिखों की मुक्ति और पंजाब की तरक्की को अपना मुख्य एजेंडा बताया है। इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में भारतीय जनता पार्टी के साथ किसी भी तरह के गठबंधन की संभावना से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया है। अयाली ने कहा कि ‘अकाली दल-वारिस पंजाब दे’ खालिस्तान सहित पंजाब की सभी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाएगा। संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष और अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने अयाली का संगठन में स्वागत किया।

इस अवसर पर ‘वारिस पंजाब दे’ के संस्थापक दिवंगत दीप सिद्धू के भाई मनदीप सिंह सिद्धू भी मौजूद रहे। मनदीप सिद्धू ने कहा कि अयाली का संगठन में शामिल होना 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत है। चूंकि ‘वारिस पंजाब दे’ अभी कोई पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है, इसलिए अयाली सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाले शिरोमणि अकाली दल के विधायक बने रहेंगे। अयाली ने स्पष्ट किया, “मैं फिलहाल शिरोमणि अकाली दल से इस्तीफा नहीं दूंगा।” खालिस्तान को ‘वारिस पंजाब दे’ के एजेंडे में शामिल करने के एक अन्य सवाल के जवाब में अयाली ने कहा कि उनका संगठन भारत के संविधान का पूरी तरह से पालन करता है।











