Tuesday, October 27, 2026
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कांगड़ा में भारी बारिश के कारण 18 मकान क्षतिग्रस्त, 6 मकान बहे, 3 लोग घायल

हिमाचल (द स्टैलर न्यूज़)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की बोह घाटी में रातभर हुई बारिश के कारण 12 और मकान क्षतिग्रस्त हो गए तथा तीन लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। इसके साथ ही घाटी में क्षतिग्रस्त मकानों की कुल संख्या बढ़कर 18 हो गई है। मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश में छह मकान बह गए थे।

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मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और कुल्लू जिलों के कुछ हिस्सों में अचानक निम्न से मध्यम स्तर की बाढ़ आने की चेतावनी दी है। मंगलवार को घाटी के सपेड़ी और गरून गांवों में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई और भारी मात्रा में मलबा बहकर आ गया। लाम गांव पर भी खतरा मंडरा रहा है। इन गांवों को जाने वाले कई मार्ग प्रभावित हुए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि बारिश से 13 पक्के और पांच कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं तथा तीन लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा नौ गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस आपदा में तीन भैंस, चार गाय, एक बैल और एक भेड़ की मौत हो स्थानीय लोगों ने पहाड़ियों से तेज धमाके जैसी आवाज सुनी, जिसके कुछ ही क्षण बाद पानी, कीचड़ और बड़े-बड़े पत्थर तेजी से नीचे की ओर आए। शिमला मौसम केंद्र ने बुधवार के लिए कांगड़ा और मंडी जिलों के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। वहीं, चंबा, कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर ‘यलो’ अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम केंद्र ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों के दौरान चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और कुल्लू जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में अचानक निम्न से मध्यम स्तर की बाढ़ आ सकती है। हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई। मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक शिमला जिले के मशोबरा सबसे अधिक 117.5 मिलीमीटर (मिमी) हुई। इसके बाद नैना देवी में 106.4 मिमी, नांगल बांध में 90 मिमी, ब्रह्माणी में 77 मिमी, कुफरी में 74.2 मिमी और शिमला में 66.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने कहा कि बारिश का दौर 27 जुलाई तक जारी रहने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि डिब्बा और मनेड़ नाला क्षेत्रों में भी भूस्खलन हुआ है, जिससे बचाव दलों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए आपदा प्रभावित इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राज्य में कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। प्रशासन ने लोगों को घरों में ही रहने और अनावश्यक यात्रा टालने की सलाह दी है।

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