
जम्मू/सुरनकोट (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट- अनिल भारद्वाज। हाल ही में आई फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और बादल फटने की घटना से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुफलियाज़ के तरारनवाली गांव में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के माध्यम से प्रभावित ग्रामीणों को उनके घरों के निकट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

यह शिविर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), जम्मू-कश्मीर की मिशन निदेशक आकृति सागर (आईएएस), उपायुक्त पुंछ अशोक कुमार शर्मा (जेकेएएस) तथा निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, जम्मू डॉ. पूनम सेठी के निर्देशों पर आयोजित किया गया। शिविर का संचालन मुख्य चिकित्सा अधिकारी पुंछ डॉ. परवेज अहमद खान के मार्गदर्शन तथा ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी सुरनकोट डॉ. मोहम्मद यूसुफ की प्रत्यक्ष निगरानी में किया गया। प्राकृतिक आपदा के बाद स्वास्थ्य विभाग की त्वरित राहत एवं बचाव कार्यवाही के तहत आयोजित इस शिविर में लगभग 700 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा उन्हें नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं। इसके साथ ही गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की जांच भी की गई।
शिविर के दौरान चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने बाढ़ और भूस्खलन के बाद फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम एवं बचाव संबंधी व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया। लोगों को जलजनित रोगों जैसे डायरिया, हैजा, टाइफाइड, पेचिश तथा हेपेटाइटिस-ए एवं ई, मच्छर जनित रोगों जैसे मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया, सर्पदंश, लेप्टोस्पायरोसिस, त्वचा एवं फंगल संक्रमण, नमी के कारण होने वाले श्वसन संक्रमण तथा भूस्खलन से होने वाली चोटों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने लोगों को सुरक्षित पेयजल के उपयोग, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने तथा सर्पदंश एवं अन्य चोटों की स्थिति में प्राथमिक उपचार अपनाने के बारे में भी जागरूक किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी पुंछ डॉ. परवेज अहमद खान ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों में लोगों तक घर-घर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि कोई भी व्यक्ति चिकित्सा सुविधाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि विभाग आने वाले दिनों में भी प्रभावित गांवों में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित करता रहेगा तथा दवाइयों के वितरण, रोगों की जांच और जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। यह पहल जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को निर्बाध रूप से जारी रखा जा रहा है।












