
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। 15 अगस्त के मद्देनजर चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के दौरान चंडीगढ़ पुलिस ने हथियारों की तस्करी और बड़ी आपराधिक वारदात की कथित साजिश को नाकाम करने का दावा किया है। एसपी ऑपरेशन गीतांजलि खंडेलवाल ने प्रेसवार्ता में बताया कि पुलिस ने दीपक नांदल गैंग से जुड़े तीन सदस्यों समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन विदेशी पिस्टल, दो मैगजीन और 19 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इनमें एक जिगाना और दो पी-फ्री पिस्टल शामिल हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अजय, रोहित और देव दीपक नांदल गैंग से जुड़े हैं। पूछताछ में सामने आया कि इन्हें कथित तौर पर बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार किया गया था। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने गुरुग्राम में एक संभावित टारगेट की रेकी की थी और एक्सटॉर्शन के लिए फायरिंग करने की तैयारी में थे। पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान गैंग सरगना दीपक नांदल और पाकिस्तान स्थित हथियार तस्करों के बीच संपर्क की जानकारी सामने आई।

पुलिस का दावा है कि नांदल, अमृतसर निवासी निशान सिंह के माध्यम से पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये अवैध हथियार मंगवाता था। निशान सिंह कथित तौर पर अपने खेत में ड्रोन से भेजे गए हथियार रिसीव करने के बाद उन्हें गैंग के सदस्यों तक पहुंचाता था। पुलिस के अनुसार करीब 32 वर्षीय निशान सिंह अमृतसर के सीमावर्ती क्षेत्र स्थित कक्कड़ गांव का रहने वाला है। वह गांव में डेयरी चलाता है। पुलिस का आरोप है कि वह अपने खेत का इस्तेमाल ड्रोन के जरिये भेजे गए हथियारों को रिसीव करने के लिए करता था। पुलिस के मुताबिक करीब साढ़े 19 वर्षीय अजय जींद, हरियाणा का रहने वाला है और मारुति कंपनी में हेल्पर का काम करता है। पुलिस का दावा है कि अजय ने ही रोहित और देव को दीपक नांदल से जोड़ा था। दोनों की उम्र करीब साढ़े 18 वर्ष है। रोहित जींद में इलेक्ट्रिक शॉप पर काम करता है, जबकि देव एक दुकान पर हेल्पर है। पुलिस का कहना है कि दीपक नांदल ने इन युवकों को बड़ी रकम का लालच देकर आपराधिक वारदात के लिए तैयार किया था। पुलिस के अनुसार समय रहते हुई गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी से गैंग की ओर से की जा रही कथित बड़ी आपराधिक साजिश को नाकाम कर दिया गया।












