Sunday, October 4, 2026
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राष्ट्रपति ने ‘टायसन’ को किया सम्मानित, गोली लगने के बाद भी जैश के 3 आतंकियों के ठिकाने का लगाया था पता

जम्मू (द स्टैलर न्यूज़)। जम्मू संभाग के किश्तवाड़ के छात्रु इलाके के जंगलों में सेना के सफल अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने आर्मी डाग आइसन को वीरता व असाधारण साहस दिखाने के लिए स्वतंत्रता दिवस पर सम्मान दिया गया है। किश्तवाड़ में आपरेशन त्राशी के दौरान सेना की 2 पैरा स्पेशल फोर्स का एलीट जर्मन शेफर्ड, आर्मी डाग टाइसन उस ढोक (छिपने के ठिकाने) तक पहुंच गया था यहां तीन आतंकी छिपे हुए थे। इस दौरान आतंकियों द्वारा गोली मारने से टाइसन गंभीर रूप से घायल हो गया था। इससे आतंकियों की लोकेशन का पता लगा था। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों व अधिकारियों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों व 89 प्रशस्ति उल्लेखों को मंजूरी दी। इन प्रशस्ति उल्लेखों में साइलेंट वारियर टाइसन की वीरता का भी उल्लेख था। जम्मू संभाग के किश्तवाड़ में इस वर्ष आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए आपरेशन त्राशी में मुठभेड़ में असाधारण वीरता के लिए सेना की 2 पैरा को 2 र्कीति चक्र मिले। पैरा कमांडो हवलदार गजेंद्र सिंह को मरणोपरांत र्कीति चक्र से सम्मानित किया गया।

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वहीं, मुठभेड़ में असाधारण वीरता दिखाने वाले 2 पैरा के मेजर जितेंद्र राठी को भी र्कीति चक्र मिला है। इन वीरों के साथ आर्मी डाग टाइसन ने भी 2 पैरा का मान बढ़ाया है। घने जंगल में छिपे आतंकियों की लोकेशन का पता लगाना मुश्किल था। ऐसे में टाइसन ने छिपे आतंकियों को तलाश लिया था। वह अपने हैंडलर के साथ आतंकियों तक पहुंच गया था। हताश आतंकियों ने उस पर गोली चलाकर अपनी लोकेशन बता दी थी। गोली लगने से घायल टाइसन को सेना द्वारा हेलीकाप्टर से एयरलिफ्ट कर उधमपुर के आर्मी अस्पताल ले जाया गया। जम्मू कश्मीर में भारतीय सेना के के-9 दस्ते के आर्मी डाग आतंकियों के मंसूबों को नाकाम बनाने में अहम योगदान दे रहे हैं। कई बार आतंकियों द्वारा फिट आइडी को समय पर तलाश कर के-9 दस्ते ने बड़े हादसे टाले हैं। टाइसन जैसे आर्मी डाग को बेहद कठोर ट्रेनिंग दी जाती है। इस बार स्वतंत्रता दिवस पर टाइस को सम्मान देकर सेना के 9 दस्ते के योगदान को सराहा गया है। ये साइलेंट वारियर अत्याधिक जोखिल वाली परिस्थितियों में सैनिकों की जान बचाने के लिए बिना किसी डर के मौत के मुंह में भी कूद जाते हैं।

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