
हिमाचल प्रदेश (द स्टैलर न्यूज़)। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के कैटराइन गांव के लिए यह एक बेहद गर्व और ऐतिहासिक क्षण है! गांव के सपूत, लेफ्टिनेंट जनरल सुशील चंदर महंत, एसएम (SM) ने नई दिल्ली स्थित भारतीय सेना के एकीकृत मुख्यालय में ‘एकीकृत प्रशिक्षण महानिदेशक’ (DGIT) का पदभार संभाल लिया।
तीन दशक से अधिक के सैन्य अनुभव वाले महंत ने अपनी मेहनत, अनुशासन और पेशेवर दक्षता के दम पर सेना में महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। वह सैनिक स्कूल सुजानपुर टीरा से लेफ्टिनेंट जनरल बनने वाले पहले अधिकारी भी हैं। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में उनका सैन्य प्रशिक्षण शुरू हुआ। उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद दिसंबर 1991 में भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया।

35 साल से अधिक के शानदार सैन्य अनुभव वाले, लेफ्टिनेंट जनरल महंत ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और असाधारण क्षमता के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। वह प्रतिष्ठित सैनिक स्कूल सुजानपुर टीरा से पढ़कर इस उच्च पद यानी लेफ्टिनेंट जनरल बनने वाले क्षेत्र के पहले अधिकारी बने हैं। इसके अलावा गुलमर्ग में उच्च पर्वतीय युद्ध प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। उनके सैन्य करियर में 11 फील्ड ऑर्डनेंस डिपो के कमांडिंग ऑफिसर, स्ट्राइक कोर में ब्रिगेडियर ऑर्डनेंस और चीन से सटी उत्तरी सीमा पर तैनात एक महत्वपूर्ण कमांड में मेजर जनरल ऑर्डनेंस सर्विसेज जैसे अहम पद शामिल रहे हैं। इन जिम्मेदारियों के दौरान उन्होंने सेना की रसद व्यवस्था, संसाधन प्रबंधन और सैन्य संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का अनुभव हासिल किया। महंत को स्कूल के दिनों से ही साहसिक खेलों में रुचि रही है। उन्हें कयाकिंग, कैनोइंग, स्कीइंग और जल क्रीड़ाओं का शौक है। अब वह अपने व्यापक सैन्य अनुभव और संसाधन प्रबंधन की विशेषज्ञता का इस्तेमाल भारतीय सेना की प्रशिक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में करेंगे। कैटराइन गांव और उनके शिक्षण संस्थानों के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है। स्थानीय स्तर से निकलकर सेना के शीर्ष नेतृत्व में पहुंचने वाले महंत की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।











