
हिमाचल प्रदेश (द स्टैलर न्यूज़)। हिमाचल प्रदेश के सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेज हमीरपुर का छात्र साइबर फ्रॉड का शिकार हो गया। सर्वेश शर्मा जिसे सेना के लिए ड्रोन बनाने का प्रोजेक्ट मिलने का दावा किया जा रहा था, वह दरअसल पूरी तरह से फर्जी निकला। सितंबर में यह खबर देशभर के मीडिया में चर्चा बनी हुई थी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है। आईडेक्स डीआईओ यानी डिफेंस इनोवेशन ऑर्गेनाइजेशन ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर इसे फेक बताया है। बताया जा रहा है कि छात्र सर्वेश शर्मा को आर्मी के लॉगो लगा हुआ पत्र मिला, जिसमें उसे सेना के लिए ड्रोन बनाने को 3.50 करोड़ का प्रोजेक्ट मिलने का दावा किया गया। कॉलेज मैनेजमेंट भी इसके आधार पर आगे बढ़ा व खूब सुर्खियां बटोरी। लेकिन यह सब फेक था। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने भी छात्र को सम्मानित कर दिया। लेकिन अब इस मामले का पटाक्षेप हुआ है। प्रिंसिपल चंद्रशेखर ने बताया कि उन्हें 15 अक्टूबर को सेना की तरफ से कॉल आई थी, इसके बाद जांच की गई। 27 अक्टूबर को सेना ने छात्र का रिकॉर्ड मांगा था।

इसके बाद सेना के अधिकारियों ने भी छात्र से बात की। इस पूरे वाक्या के बाद 28 अक्टूबर को छात्र सर्वेश शर्मा हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिर गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। सर्वेश के पिता मजदूरी करते हैं। सर्वेश कंप्यूटर इंजीनियरिंग में पांचवें सेमेस्टर का होनहार छात्र है। वह काफी प्रतिभाशाली है व ड्रोन बनाने पर काम कर रहा है। पूरे मामले के बाद हमीरपुर पुलिस की टीम कॉलेज में हॉस्टल के कमरा नंबर 302 में पहुंची। जहां कुंडी लगी थी और छात्र बालकनी में पहुंचकर नीचे गिरा है। छात्र नीचे कैसे गिरा, पुलिस अब इसकी जांच कर रही है। पुलिस इसे आत्महत्या के एंगल से भी देख रही है। यह भी हो सकता है छात्र को चक्कर आया हो। अभी सर्वेश पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन है। प्रिंसिपल की शिकायत के बाद हमीरपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 318 (2), 319 और 336 (3) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66C और 66D के तहत मामला दर्ज किया है।












