Thursday, October 29, 2026
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भव्य वैल्फेयर सोसायटी ने पुरहीरां स्किल सैंटर में मनाई कबीर जयंती

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़),रिपोर्ट: मुक्ता वालिया। भव्य वैल्फेयर सोसायटी की तरफ से डिवाइन स्किल सेंटर, पुरहीरां, होशियारपुर में कबीर जयंती मनाई गई। जिसमें सोसायटी कि अध्यक्ष्ता पूजा शर्मा ने बताया कि संत कबीर दास हमारे देश के महान संत थे वे भारत के सबसे बड़े कवियों में से भी एक थे।

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कबीरदास’ का जन्म सन 1398 ई. में काशी में हुआ था। उनकी शैली उपदेशात्मक शैली है। कबीर हिंदी साहित्य के महिमा मण्डित व्यक्तित्व हैं उन्होंने हिन्दू मुस्लिम एकता का निरंतर प्रयास किया। हिंदी साहित्य जगत में उनका विशिष्ट स्थान है। अशिक्षित होते हुए भी उन्होंने जनता पर जितना गहरा प्रभाव डाला है, उतना बड़े-बड़े विद्वान भी नहीं डाल सके हैं वे सच्चे अर्थों में समाज सुधारक थे।

महात्मा कबीर के प्राकट्यकाल में समाज ऐसे चौराहे पर खड़ा था, जहां चारों ओर धार्मिक पाखंड, जात-पात, छुआछूत, अंधश्रद्धा से भरे कर्मकांड, मौलवी, मुल्ला तथा पंडित-पुरोहितों का ढोंग और संप्रदायिक उन्माद चर्म पर था। आम जनता धर्म के नाम पर दिग्भ्रमित थी। मध्यकाल जो कबीर की चेतना का प्राक्ट्यकाल है, पूरी तरह सभी प्रकार की संकीर्णताओं से एकांत था, धर्म के स्वच्छ और निर्मल आकाश में ढोंग-पाखंड, हिंसा तथा अधर्म व अन्याय के बादल छाए हुए थे।

उसी काल में अंधविश्वास तथा अंधश्रद्धा के कुहासों को चीर कर कबीर रूपी दहकते सूर्य का प्राक्ट्य भारतीय क्षितिज में हुआ। कबीरदास जी बहुत आध्यात्मिक व्यक्ति थे और एक महान साधु बन गए। उनका मानना था कि मनुष्य बराबर हैं और भगवान के साथ प्राणियों को प्रत्येक व्यक्ति का अंतिम उद्देश्य है। आज हम सब महात्मा कबीर जी की जयंती पर उन्हें नमन करते हैं। इस मौके पर निपुण शर्मा, मंजीत कौर, हरप्रीत कौर, मंजू वर्मा, गुरप्रीत कौर, राजिंदर कौर, पूनम कुमारी आदि उपस्थित थे।

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