
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। भाजपा जिला उपाध्यक्ष कपड़ा व्यापारी सुरेश भाटिया बिट्टू, भाजपा व्यापार सैल के जिला अध्यक्ष व्यापारी दर्पण गुप्ता व सोशल मीडिया के सहप्रभारी शिव कुमार काकू ने संयुक्त प्रैस विज्ञप्ति में कहा कि जब से कोरोना की महामारी का प्रकोप आया है तब से व्यपारिपयों का बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि अगर व्यापार का ऐसा ही हाल रहा तो आने वाले समय में छोटे व मध्यमवर्गीय दुकानदारों को अपना कारोबार बंद करने को मजबूर होना पड़ेगा।

कोरोना के डर से पहले ही ग्राहक बाजारों मं कम हैं तथा अन्य राज्यों से व्यापारिक संपर्क कटा होने के कारण कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा शाम को जब ग्राहक के बाहर निकलने का समय होता है तो लॉक डाउन व करफ्यू शुरु होने के चलते दुकानें बंद करनी पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि उनका व्यापार ज्यादातर हिमाचल प्रदेश के व्यापारियों पर निर्भर करता है तथा अभी तक व्यापारियों को राहत देने वाला किसी भी सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है। जबकि केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को कहा है कि लोगों एवं सामान के आने जाने पर कोई पाबंदी न लगाई जाए। लेकिन बावजूद इसके कोई ठोस हल नहीं निकाला जा रहा।
श्री भाटिया ने कहा कि किसी भी सरकार की तरफ से व्यापारी वर्ग को कोई सहूलत नहीं दी जा रही है। दुकान के बिजली के बिल, पॉपर्टी टैक्स में भी सरकार की तरफ से कोई छूट नहीं है, जिससे व्यापारी वर्ग तथा छोटे दुकानदारों का बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि वह सुबह जैसे ही वह दुकान पर आते है वैसे ही बैठकर चले जाते हैं, न तो बाजार में कोई ग्राहक है और न ही लोगों के पास खरीददारी करने के लिए पैसे। छोटे एवं मध्यमवर्गीय दुकानदारों के समक्ष दुकान खर्च अपने वर्करों की सैलरी के अलावा घर का खर्च आदि निकालना मुश्किल बना हुआ है। लेकिन दुख की बात है कि सरकारों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
उन्होंने कहा कि छोटे एवं मध्यमवर्गीय दुकानदार भी सरकार को टैक्स के रुप में काफी राजस्व देते हैं तथा देश के विकास में अपना बनता योगदान डाल रहे हैं। अब जबकि मुश्किल समय में दुकानदारों का दुख बांटने की बात आई तो सरकारें अपने हाथ खींच रही हैं। जिसके चलते उन्हें जहां आर्थिक रुप से नुकसान हो रहा है वहीं मानसिक तौर पर भी वे खासे दुखी हैं। उन्होंने केन्द्र, पंजाब एवं हिमाचल सरकार से मांग की कि व्यापारी वर्ग को राहत प्रदान करने के लिए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए जाएं और व्यापार को खोला जाए ताकि लोग अपने रोजगार एवं कारोबार दोनों बचा सकें।












