
जम्मू/राजौरी(द स्टैलर न्यूज़)रिपोर्ट:अनिल भारद्वाज । जिला राजौरी के अंतर्गत स्वास्थ्य केंद्रों व अस्पतालों में प्रशासन की लापरवाही के चलते स्थिति काफी खस्ता हालत है। व लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा। प्रशासन की बढ़ती लापरवाही तो देखो सरकारी अस्पतालों , स्वस्थ केंद्र में कहीं दिन दिहाड़े ताले तो कहीं डॉक्टरों की गैरहाजिरी के चलते सफाई कर्मियों व एम्बुलेंस ड्राइवर डॉक्टर बन मरीजों का उपचार करने में लगे हुए हैं। मौजूदा अधिकारियों की लापरवाही से डॉक्टर डिस्पेंसरी व अस्पतालों में अनुपस्थित रह कर बिना काम के वेतन निकाल सरकारी खजाने पर बोझ और आवाम को परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। लोगों ने कहा कि अगर जल्द ही व्यवस्था को ठीक नहीं किया गया और लापरवाही बरतने बाले सरकारी कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं गई तो डीसी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ प्रदर्शन किया जायेगे।

जिसका जिम्मेदार संबंधित विभाग व प्रशासन खुद होगा। जिला राजौरी के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में सरकारी दवाई भी इक्का दुक्का मरीजों को दी जाती है। बाकी अन्य मरीजों को निजी दवाई विक्रेताओं के पास भेज दिया जाता है। जिला का डीएम व सीएमओ भी लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज करने में लगे हुए है। और लापरवाही बरतने बालों के खिलाफ कार्रवाई करने से कतराते हैं। या फिर लापरवाह स्वास्थ्य विभाग अधिकारी व प्रशासन आंखें मूंद कर सोया हुआ है। कईं केंद्रों ताले लगे देखे जा सकते हैं अगर कोई खुला भी है तो उसमें दवाई के साथ स्वास्थ्य केंद्रों की खस्ता हालत ऊपर से स्टाफ की मनमर्जी अक्सर देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन राजौरी व सीएमओ लोगों को स्वस्थ सेवाएं देने में विफल साबित हो रहा है। कईं के स्वास्थ्य केंद्र आज भी किराए के कच्चे मकानों में चल रहे है। जिससे सीमावर्ती व दूरदराज क्षेत्रों के लोगों में काफी रोष देखने को मिल रहा है। लोगों को मजबूरन, सीएचसी , पीएचसी व जिला अस्पताल जाना पड़ता है। लोगों ने ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने बाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बात अगर नौशहरा के आने वाले सेरी ब्लॉक की पंचायत डिंग कलाल की जाए तो जहां अक्सर स्वास्थ्य केंद्र बंद रहता है। आई एस एम की डिस्पेंसरी जोकि भारत-पाक नियंत्रण रेखा के अंतर्गत सीमावर्ती कलाल में मेडिकल ऑफिसर व अन्य स्टाफ की लापरवाही बरतते देखे जा सकते हैं। पहले तो डिस्पेंसरी काफी दिनों से बंद है लोगों से शिकायत मिल रही थी जब सरपंच के दौरे की भनक मौजूदा अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर को लगी कि किसी समय भी सरपंच मीडिया के साथ पहुंच सकते है तो उन्होंने एम्बुलेंस ड्राइवर को डॉक्टर का पद दे दिया। वहां के सरपंच रमेश चौधरी ने बताया कि एलओसी के साथ ही दूरदराज का क्षेत्र है जोकि यह डिस्पेंसरी आए दिन बंद रहती है महीने में कहीं एक या 2 दिन ही खुलती है। कलाल के लोगों के मुताबिक लोगों का कहना है कि हमें डिस्पेंसरी में कई बार चक्कर लगाने पड़ते हैं चेकअप करवाने के लिए लेकिन यह डिस्पेंसरी आए दिन बंद ही रहती है लोगों को दर दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं।
प्राथमिक उपचार के लिए नोशहरा या सुंदरबनी जाना पड़ता है कलाल से सुंदरबनी लगभग 50 किलोमीटर या उपजिला अस्पताल नौशहरा उपचार के लिए जाना पड़ता है नौशहरा कलाल से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर है इसलिए लोगों की आए दिन दिक्कतों का करना पड़ता है। सरपंच ने कहा कि सरकारी डिस्पेंसरी पर लोग इलाज कराने जाते हैं तो वहां पर ताला जड़ा होता है और खाली हाथों ही वापस आना पड़ता है । लोगों की समस्या को देखते हुए सरपंच ने खुद कलाल की सरकारी डिस्पेंसरी का दौरा जब किया तो डिस्पेंसरी पर ताला लगा हुआ था। सरपंच रमेश चौधरी ने बताया कि डीसी राजौरी व लेफ्टिनेंट गवर्नर साहब से मांग करते हैं कि मेरी पंचायत बहुत दूरदराज और नियंत्रण रेखा के पास है। लोग स्वास्थ्य सेवाओं से महरूम है। और लोगों को वहां दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहां पर फोन नेटवर्क की परेशानी होने के कारण भी लोग एक दूसरे से संपर्क नहीं कर सकते। लोगों की समस्या दूर किया जाए। एवं लापरवाही बरतने बाले मेडिकल अफसर व अन्य स्टाफ पर कार्रवाई की जाए।
वहीं कालाकोट के अंतर्गत सल्याड़ छत्ता मोहल्ला पंचायत दाली बी का स्वास्थ्य केंद्र बर्बादी का रोना रो रहा है। यह केंद्र पिछले कईँ दशकों से किराए के एक कच्चे मकान में चल रहा है। सल्याड़ छत्ता का स्वास्थ्य केंद्र भी स्वास्थ कर्मियों की गैरहाजिर रहने से कईं बार बंद देखा जाता है और लोगों को मजबूरन कालाकोट अस्पताल में उपचार के लिए जाना पड़ता है। यह केंद्र सिर्फ नाम का ही है। और यह सब प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से हो रहा है। लोगों ने डीसी राजौरी व सीएमओ से ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने बाले स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने कहा कि अगर जल्द ही लोगों को सुविधा उपलब्ध करवाने के साथ लापरवाही बरतने बालों पर कार्रवाई नहीं की गई तो नोशहरा-कलाल, और कालाकोट-रियासी सड़क मार्ग को अवरुद्ध कर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। जिसका जिम्मेदार डीसी राजौरी, एडीसी कालाकोट व सीएमओ राजौरी होंगे। वहीं सरपंच व लोगों ने स्वास्थ्य सुविधा में जल्द सुधार नहीं होने पर लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा को भी प्रदर्शन की चेतावनी दी है












