Monday, October 19, 2026
Home Chandigarh पंजाब सफ़ाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन के पत्र पर स्थानीय निकाय विभाग...

पंजाब सफ़ाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन के पत्र पर स्थानीय निकाय विभाग ने की कार्यवाही

चंडीगढ़(द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब राज्य सफ़ाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन श्री गेजा राम वाल्मीकि द्वारा लिखे पत्र पर कार्यवाही करते हुये स्थानीय निकाय विभाग ने राज्य के समूह नगर निगम कमिश्नरों और अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नरों (शहरी विकास) को सख़्त हिदायतें जारी करते हुये जहां ‘‘द प्रीवैंशन ऑफ इम्प्लायमैंट ऐज़ मैनुअल सकवैंजर एंड देअर रिहैबिलीटेशन एक्ट -2013 की सख़्ती से पालना यकीनी बनाने के लिए कहा है, वहीं ज़िलों को ‘‘मैनुअल सकवैंजर मुक्त’’ ऐलान करके 22 सितम्बर तक रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।

Advertisements

इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये चेयरमैन श्री गेजा राम ने बताया कि आयोग द्वारा 3 सितम्बर, 2021 को लिखे पत्र में राज्य में कुछ स्थानों पर ‘‘द प्रीवैंशन ऑफ इम्प्लायमैंट ऐज़ मैनुअल सकवैंजर एंड देअर रिहैबिलीटेशन एक्ट-2013 (हाथों से मैला ढोने के काम की रोकथाम और उनका पुनर्वास एक्ट, 2013) का उल्लंघन का अंदेशा ज़ाहिर किया गया था और इस एक्ट की सख़्ती से पालना यकीनी बनाने समेत नगर निगमों, नगर कौंसिलों और नगर पंचायतों में सेवा निभा रहे सीवरमैंनों से बिना मुकम्मल सुरक्षा किट से सीवर /गटर की सफ़ाई न कराने के लिए कहा गया था।

चेयरमैन ने बताया कि उनके पत्र पर कार्यवाही करते हुये स्थानीय निकाय विभाग द्वारा राज्य की सभी नगर निगमों के कमिश्नरों और समूह ए.डी.सी. (शहरी विकास) को लिखे पत्र में कहा गया है कि ‘‘द प्रीवैंशन आफ इम्प्लायमैंट एज मैनुअल सकवैंजर एंड देअर रिहैबिलीटेशन एक्ट -2013 की सख़्ती से पालना की जाये। श्री गेजा राम ने बताया कि नगर निगम कमिश्नरों और समूह अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नरों (शहर विकास) को यह भी हिदायत की गई है कि वे सम्बन्धित डिप्टी कमिश्नर से तस्दीक करवा के 22 सितम्बर, 2021 तक यह रिपोर्ट भेजें कि उनके ज़िलो में कोई भी व्यक्ति हाथों से कूढ़ा ढोने (मैनुअल सकवैंजर) का काम नहीं करता और उनका ज़िला हाथों से मैला ढोने से मुक्त है।

उन्होंने बताया कि इसी तरह सी.ई.ओ, पंजाब वाटर सप्लाई और सिवरेज बोर्ड को भी उनके अधीन आते सभी अदारों में भी इस एक्ट की पूर्ण रूप में पालना यकीनी बनाने के लिए कहा गया है। नगर निगमों और नगर कौंसिलों के चीफ़ इंजीनियरों को हिदायत की गई है कि सीवर और मैन-होलज़ की सफ़ाई मशीनों के द्वारा ही करवाएं और किसी भी सूरत में किसी व्यक्ति को मैन-होलज़ और सीवर में सफ़ाई के लिए न उतारा जाये। अगर कोई लापरवाही इस्तेमाल की जाती है जिस कारण जानी नुक्सान होता हो तो इन सम्बन्धित अधिकारियों की निजी ज़िम्मेदारी समझी जायेगी, इसलिए वह अपने -अपने अदारों में ‘‘हाथों से मैला ढोने के तौर पर काम की रोकथाम और उनका पुनर्वास एक्ट, 2013 की पालना हर हालत में यकीनी बनाएं।

स्थानीय निकाय विभाग की तरफ से पुराने पत्रों का हवाला देते हुये ख़ास तौर पर एक्ट की धारा-7 सम्बन्धी कल्याण विभाग पंजाब द्वारा 8 जुलाई, 2016 को जारी नोटिफिकेशन, जिसमें कहा गया था कि ‘‘कोई भी व्यक्ति, स्थानीय अथॉरिटी या कोई एजेंसी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में किसी भी व्यक्ति को सीवर या सेप्टिक टैंक की ख़तरनाक सफ़ाई के लिए शामिल या नियुक्त नहीं करेगी’’ का भी ज़िक्र किया गया है और इस सम्बन्धी कार्यवाही फिर से यकीनी बनाने के लिए कहा गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here