
नई दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। केंद्र सरकार ने अहमदाबाद की कंपनी जायडस कैडिला की तीन खुराक वाली वैक्सीन ‘जाइकोव-डी’ के एक करोड़ डोज खरीदने के आदेश दिए हैं। यह वैक्सीन राष्ट्रीय कोरोना वायरस रोधी टीकाकरण अभियान में इस महीने शामिल हो जाएगी। इसके तीन खुराकों को 28 दिनों के अंतराल पर दिया जाना है। देश में विकसित यह दुनिया का पहला ऐसा टीका है, जो डीएनए-आधारित एवं सुई-रहित है। ये वैक्सीन सुई की बजाय जेट इंजेक्टर से लगेगी। जेट इंजेक्टर का इस्तेमाल अमेरिका में सबसे ज्यादा होता है। इससे वैक्सीन को हाई प्रेशर से लोगों की स्किन में इंजेक्ट किया जाता है। वहीं, आमतौर पर जो नीडल इंजेक्शन यूज होते हैं, उनसे फ्लूड या दवा मसल्स में जाती है। जेट इंजेक्टर में प्रेशर के लिए कंप्रेस्ड गैस या स्प्रिंग का इस्तेमाल होता है। इससे टीका लगाने वाले को दर्द कम होता है।

कंपनी ने सोमवार को ऑर्डर मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि ये टीके सरकार 265 रुपये प्रति खुराक के दाम पर खरीदेगी। 93 रुपये प्रति डोज के मान से टीके लगाने का एप्लीकेटर खरीदा जाएगा। इस तरह एक टीका लगाने पर 358 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) खर्च आएगा। सोमवार को जारी बयान में कंपनी ने कहा कि केंद्र ने जॉयडस कैडिला के तीन खुराक वाले टीके ‘जॉयकोव-डी’ की एक करोड़ खुराक खरीदी का आदेश दिया है। ये टीके 265 रुपये प्रति खुराक के दाम से खरीदे जाएंगे। इन्हें परंपरागत सुई की बजाए एप्लीकेटर के जरिए लगाया जाएगा। इसे फार्माजेट कहा जाता है। यह 93 रुपये प्रति डोज में मिलेगा। इस तरह एक वैक्सीन के लिए सरकार को 358 रुपये खर्च करने होंगे। जीएसटी जोडऩे पर यह राशि कुछ और बढ़ सकती है। बच्चों को भी कोरोना का यही टीका ‘जाइकोव-डी’ जल्द लगेगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने 12 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों के टीकाकरण के लिए मंजूरी दे दी।












