
मणिपुर (द स्टैलर न्यूज़)। मणिपुर के कांगपोकपी जिले में उग्रवादियों ने कुकी समुदाय के व्यक्ति पाओलेन खोंगसाई की गोली मारकर हत्या कर दी। वह पी मोल्डिंग गांव के एक अन्य व्यक्ति के साथ जंगल में बांस की कोपलें इकट्ठा करने गए थे तभी उग्रवादियों ने हमला किया। दूसरा व्यक्ति हमले में जान बचाकर भागने में सफल रहा। हत्या के विरोध में कमेटी आन ट्राइबल यूनिटी ने जिले में आधी रात से 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है। सोमवार को इसी जिले में उग्रवादियों ने सुनरोक क्षेत्र में जलावन की लकड़ी बीन रहे मैतेयी समुदाय के 14 लोगों पर उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया था। इस गोलीबारी में 3 लोगों की मौत हो गई थी।

इस बीच मैतेयी समुदाय के 3 लोगों की हत्या के विरोध में मंगलवार को 48 घंटे के बंद के चलते घाटी के 5 जिलों में जनजीवन प्रभावित रहा। इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, बिष्णुपुर, थौबल और काकचिंग में बाजार, शिक्षण संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। सार्वजनिक परिवहन भी ठप रहा, हालांकि कुछ निजी वाहन चलते दिखे। नेटिव पीपुल्स कमेटी मणिपुर के सदस्यों ने मंगलवार और बुधवार को बंद का आह्वान किया है। इस बीच पुलिस ने बताया कि मणिपुर के कांगपोकपी जिले में मंगलवार को सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान के दौरान 3 लोगों को गिरफ्तार किया।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) दोरजी लहातू ने बताया कि पूछताछ के दौरान, 3 में से 2 उग्रवादियों ने स्वीकार किया है कि वे उन उग्रवादियों में शामिल थे, जिन्होंने सुनुरोक पहाड़ियों में हमला किया था। पूछताछ के दौरान उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया गया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने बताया कि पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम ने थौबल जिले में हाल में 2 समुदायों के बीच हुई झड़पों में संलिप्तता के आरोप में 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन झड़पों में एक युवक की मौत हो गई थी।
मुख्यमंत्री ने आइएनडीआइए के नेताओं के साथ की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने मंगलवार को विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए के नेताओं के साथ बैठक की। बैठक के दौरान नेताओं ने राज्य में मौजूदा हालात पर चर्चा करते हुए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने विचार करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि बैठक में राज्य की समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही मणिपुर में शांति बनाए रखने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर भी सार्थक चर्चा हुई।












