
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट: समीर सैनी/लक्की। बहादुरपुर चौक स्थित संस्कृति महाविद्यालय के बाहर छात्रों ने कालेज प्रधानाचार्य और प्रबंधकों के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। छात्रों के रोष को देखते हुए प्रबंधकों ने उन्हें कई प्रकार से समझाने का प्रयास किया, मगर छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे तथा प्रबंधकों द्वारा उनके भविष्य के साथ किए जाते खिलवाड़ को लेकर नारेबाजी करते रहे। और तो और प्रबंधकों द्वारा मौके पर पहुंचे मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब देने के स्थान पर वे उनके साथ भी दुरव्यवहार करने लगे। प्रबंधकों के व्यवहार से साफ हो रहा था कि दाल में कुछ न कुछ काला जरुर है, जिसकी जांच करवाई जानी अनिवार्य है।


-संस्कृत कालेज के छात्रों ने प्रबंधकों के खिलाफ दिया धरना, लगाए उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप
रोष प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कालेज प्रबंधकों पर आरोप लगाया कि प्रथम वर्ष से लेकर तृतीय वर्ष तक छात्रों के मार्कशीट अभी तक यूनिवर्सिटी से नहीं आई है। उन्होंने रिजल्ट में देरी का कारण अध्यापकों व प्रबंधकों का लापरवाह रवैया बताया। छात्रों ने आरोप लगाया कि अध्यापक परीक्षा फार्म भरते समय कई तरह की गलतियां कर देते हैं, जिसके चलते शास्त्री कर रहे छात्रों के रिजल्ट में देरी हो रही है। इस कारण उन्हें कई तरह की मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान छात्रों ने प्रधानाचार्य संत राम तथा कालेज स्टाफ पर कथित तौर पर आरोप लगाते हुए कहा कि कालेज प्रबंधक तथा समूह स्टाफ की गलतियों का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। इतना ही नहीं मौके पर मौजूद छात्रों एवं उनके अभिभावकों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन कमेटी द्वारा छात्रहित में आने वाली वित्तीय सहायता का दुरुप्रयोग तथा घपला किया जा रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच की जानी जरुरी है। छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर कालेज प्रबंधन ने जल्द से जल्द उनकी समस्याओं का निवारण नहीं किया तो वह कालेज के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना देंगे।

कालेज प्रबंधकीय सभा के प्रधान सुभाषचंद्र खुल्लर और सचिव कमलेश कुमार ने बताया कि उनका कालेज यूनीवर्सिटी एफीलिएटेड नहीं एसोसिएटड है, जिसके कारण उनकी यूनीवर्सिटी में पूरी तरह से सुनवाई नहीं होती। एक सवाल के जवाब में प्रबंधकों ने कहा कि पहले हर वर्ष कालेज को 3 लाख 30 हजार की सरकार से वित्तीय सहायता आती थी, जोकि 3 वर्ष से नहीं आ रही। इस सदर्भ में उन्होंने पंजाब सरकार की शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी को पत्र भी लिखा गया है। फिलहाल कालेज का खर्च दानी सज्जनों द्वारा भेंट किए दान से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा।

इस बीच मामला उस समय तनावपूर्ण हो गया जब प्रधानाचार्य से मीडिया द्वारा सवाल पूछने पर सचिव कमलेश कुमार ने बड़ी तल्खी के साथ अचानक ही एक कागज मीडिया की तरफ फेंकते हुए कहा कि छात्र ये चाहते हैं। उनका ऐसा व्यवहार दर्शा रहा था कि प्रबंधक कहीं न कहीं कुछ छिपा रहे हैं या मामले को कोई दूसरा ही रंग देने का प्रयास कर रहे हैं। सचिव कमलेश कुमार ने जो कागज मीडिया की तरफ उछाल कर फेंका उस पर विद्यार्थियों ने दोपहर को खाना कालेज में ही दिए जाने की मांग की थी तथा बताया था कि विद्यार्थी निमंत्रण पर नहीं जाना चाहते। हो सकता है कि विद्यार्थियों ने यह मांग कालेज प्रबंधकों से की हो, मगर बाहर जो उन्होंने बताया कि उससे साफ था कि बच्चों के भविष्य को लेकर कालेज प्रबंधक संजीदा नहीं हैं।
मीडिया के साथ ऐसा व्यवहार किए जाने पर मौके पर मौजूद अन्य मीडिया वालों ने इसका विरोध जताया तो प्रबंधकों को कोई बात नहीं सूझ रही थी। मीडिया कर्मियों ने कहा कि वे प्रबंधकों द्वारा किए गए व्यवहार को प्रैस क्लब में उठाएंगे ताकि मीडिया कर्मियों की सुरक्षा और उनके आत्मसम्मान की रक्षा हेतु कदम उठाए जा सकें।












