
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज के प्रांतीय कनवीनर अनिल हंस की अगुवाई में सफाई सेवकों का प्रतिनिधिमंडल जिलाधीश को मिला। इस दौरान उन्होंने उनसे मांग की कि 118 सफाई कर्मचारियों में से 71 कर्मियों को डीसी रेट पर किए जाने के आर्डर दिए गए तथा 52 कर्मचारियों को उनके इस अधिकार से वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठता के आधार पर इन 52 कर्मियों का अधिकार पहले बनता था। लेकिन उन्हें डीसी रेट पर न करके उनके साथ अन्याय किया गया है।

जिलाधीश को सौंपा मांगपत्र, न्याय न होने पर दी संघर्ष की चेतावनी
अनिल हंस ने कहा कि कारपोरेशन ने 52 कर्मियों के साथ जो धोखा किया है उसे सहन नहीं किया जाएगा। क्योंकि, इन कर्मियों ने भी कोरोना काल के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर शहर निवासियों की सेवा की थी। लेकिन बावजूद इसके इनकी सेवाओं को अनदेखा किया गया। इस मौके पर सफाई कर्मचारी आयोग के लोकसभा इंचार्ज कमल भट्टी एवं सफाई मजदूर फैडरेशन के प्रधान राजा हंस ने कहा कि कारपोरेशन एवं सरकार ने इन कर्मियों से सेवाएं लेने उपरांत इन्हें इनका बनता हक न देकर इनको ठगा है। उन्होंने कहा कि फैडरेशन पहले दिन से इनके साथ-साथ अन्य समस्त सफाई सेवकों को डीसी रेट पर करने की मांग करती रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इन कर्मियों को अंधेरे में रखकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकी हैं उन्हें उनके किए की सजा जरुर मिलेगी। उन्होंने जिलाधीश से मांग की कि इन कर्मियों के साथ न्याय किया जाए, अन्यथा संगठनों की तरफ से इन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष का रास्त अपनाने को विवश होना पड़ेगा।












