Saturday, October 24, 2026
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तेजी से बढ़ रही ऑनलाइन खरीददारी कर रही है भारतीय अर्थ व्यवस्था को नहस तहस: सूद

होशियारपुर  (द स्टैलर न्यूज़)। आजकल ऑनलाइन खरीददारी  का प्रचलन  इस कदर बढ़  चुका है कि ऑनलाइन खरीददारी को लोग स्टेटस सिंबल के तौर पर मामने लगे है। पिछले 5 वर्षो से ऑनलाइन बिक्री बहुत ही तेजी से बढ़ी है। जिससे स्थानीय दुकानदारों की दुकाने बंद होने की कगार पर पहुंच गई है। ऑनलाइन बिक्री पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद ने भारतीय ग्राहकों से अपील की है त्योहारी मौसम में कम से कम   ऑनलाइन खरीददारी करे।

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उन्होंने कहा कि एक अनुमान के अनुसार इस समय भारत में ऑनलाइन बज़ार 8 लाख करोड़ रुपए को पार करने जा रहा है और इसमें सबसे बड़ी हैरानगी की बात यह है करियाना वस्तुओं की ऑनलाइन बिक्री में करीब 55 %की वृद्धि हुई है।  पिछले 5 सालो में  कुल ऑनलाइन 25 %के करीब बढ़ौतरी दर्ज़ हुई है। जो कि गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बिक्री का फायदा केवल बड़ी कंपनियों को हो रहा है। जब कि छोटे दुकानदार या मध्यम दर्जे के कारोबारी जो कि समाजिक ताने बाने की रीढ़ है, उनके कारोबार छिन रहे है तथा वह  बेरोज़गार होने की कगार पर है। इनता ही नहीं उनके व्यवसायों में काम करने वाले कर्मचारी भी बेरोज़गार हो रहे है।

इस समय करियाना के अतिरिक्त कॉस्मेटिक ,कपड़े तथा फर्नीचर आदि वस्तुऐ भी बड़ी मात्रा में ऑनलाइन बिक्री में खरीदी जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर इसी प्रकार ऑनलाइन बिक्री में वढ़ोत्तरी होती रही तो बहुत से कारोबारी बड़ी कंपनियों के मात्र कर्मचारी बन कर रह जायेगे तथा परिणाम स्वरुप भारत की मजबूत हो रही अर्थ व्यवस्था पिछड़ कर नहस -तहस होगी। उन्होंने कहा कि आत्म निर्भर भारत के लक्ष्य के लिए सभी भारतीयों को ऑनलाइन की बजाये स्थानीय दुकानदारों व छोटे  कारोवारियों  से ही वस्तुए ख़रीदनी चाहिए। जिससे हमारे गरीब लोगों का भला होगा तथा भारत की अर्थ व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।   

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