Saturday, October 24, 2026
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श्री प्रताप धर्म प्रचारणी सभा ने किया दो वरदान, राम बनवास नाटक का मंचन

कपूरथला (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट: गौरव मढिय़ा। हमारे महलों मे यह अंधेरी रात कैसी है, बिछा है फर्श पर मातम यह बिगड़ी बात कैसी है। यह उदगार महाराज दशरथ ने श्री प्रताप धर्म प्रचारिणी सभा रामलीला दशहरा कमेटी की ओर से शुक्रवार की शाम देवी तालाब व रात्रि के समय शालीमार बाग में मंचित नाटक दो वरदान, राम बनवास नाटक में उस समय कहे, जब रानी कैकई को पता चलता है कि प्रभु राम का राज्यअभिषेक होने जा रहा है तो रानी कैकई रूष्ट होकर कोप भवन में चली जाती है और महाराज दशरथ उसे मनाने के लिए वहां आते है। इस मंचित नाटक का उद्धघाटन सीनियर एडवोकेट हरचरण सिंह ने किया।

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इससे पहले महाराज दशरथ राज्यसभा में घोषणा करते है कि अब समय आ गया है जब अयोध्या नगरी का राजपाट राम के हाथों में सौंपकर चिंता मुक्त होना चाहता हूं। राजा के पद पर प्रभुु श्री राम का नाम सुनते ही मंत्रीगण गदगद हो गए और उन्होंने राजा दशरथ से कहा कि प्रजा के लिए इससे उत्तम कोई भी निर्णय नहीं हो सकता है। इस निर्णय की अयोध्या में मुनियादी के दौरान सूचना सुनकर मंथरा रानी कैकई के कानों में यह बात कहती है कि अगर राम का राज तिलक हो गया तो भरत कभी अयोध्या नरेश नहीं बन सकता और रानी कैकई को महाराज दशरथ पर उधार दो वरदान याद करवाती है और महाराज दशरथ से यह दोनों वरदान मांगने के लिए विवश करती है जिसमें एक में प्रभुु राम के लिए 14 वर्ष का बनवास और दूसरे वरदान मे भरत के लिए राज तिलक का मांगने के लिए कहती है। बात सुनते ही रानी कैकई दशरथ के पास जाकर दोनों वर मांगती है।

राम के बनवास की बात सुनकर राजा दशरथ विचलित होकर कैकई को अपना वर वापिस लेने के लिए गुजारिश करते है, लेकिन कैकई उन्हें अपने दो वर पूरा करने के लिए रघुकुल रीत स्मरण करवाकर रजामंद कर लेती है और प्रभु राम माता और पिता के आदेश की पालना करते हुए छोटे भाई लक्ष्मण और अपनी भार्या सीता सहित बनवास की ओर चले जाते है। यह दृश्य देखकर भक्तजन भाव विभोर होकर प्रभु श्री राम के जयकारे लगाते है। इस अवसर पर सभा के अध्यक्ष विनोद कालिया, कृष्ण लाल सर्राफ, कमलजीत, बिशंबर दास, रजिंदर वर्मा, सतीश शर्मा, गुलशन लुंबा, सुरिंदर शर्मा, राजेश सूरी, दविंदर कालिया, मंगल सिंह, एडवोकेट पवन कालिया, हरबंत सिंह भंडारी, किशन दत्त शर्मा, भूपिंदर सिंह, मोती लाल, बावा पंडित, विनय शर्मा, जोगिंदर जेके, अशोक भारती, पुलकित सूरी, अक्षत कालिया , धर्मपाल के अलावा सभा के कलाकार व अन्य मौजूद थे।

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