
आगरा (द स्टैलर न्यूज़)। आगरा में पुलिस आयुक्त जे.रविन्दर गौड एक्शन मोड पर है। उन्होंने 31 पुलिसकर्मियों को एक साथ निलंबित कर दिया है। इनमें से 16 पुलिसकर्मियों पर पासपोर्ट रिपोर्ट लगाने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। वहीं, अन्य पुलिसकर्मियों पर न्यायिक कार्य और विवेचना में लापरवाही समेत कई गंभीर आरोप है। पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड ने चुनाव से पहले बीट पुलिस अधिकारी प्रणाली लागू की थी। बीपीओ को निर्देश थे कि पासपोर्ट रिपोर्ट, चरित्र प्रमाण पत्र के बदले में घूस नहीं लेगा। बीपीओ और दारोगा की कार्यप्रणाली जानने को फीड बैक सेल बनाई थी।

यहां तैनात पुलिसकर्मियों को आवेदकों और पीड़ितों को फोन करके उनका फीड बैक लेगे। लेकिन, फीड बैक सेल की रिपोर्ट में पासपोर्ट मामले में रिपोर्ट लगाने के नाम पर घूस मांगने पर 16 पुलिसकर्मी फंस गए। जिसमें दो प्रशिक्षु समेत चार दारोगा, एक महिला आरक्षी, एक मुख्य आरक्षी और 10 पुलिसकर्मी शामिल हैं। इन सभी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, छत्ता में ऑटो चालक से मारपीट के मामले में एक दारोगा समेत पांच पुलिसकर्मी, साइबर सेल में गुटबाजी में पांच पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया है।












